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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में गेट के बाहर नहीं, कैंपस में बने पार्किंग
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एम्स बिलासपुर के मुख्य गेट के बाहर सड़क किनारे खड़े वाहन। संवाद
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जनप्रतिनिधियों ने कहा- कैंपस के भीतर ऐसी जगह बने पार्किंग, जहां से आईपीडी-ओपीडी की कम हो दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नई पार्किंग के लिए मुख्य गेट के बाहर जगह चिह्नित किए जाने की बात सामने आ रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पार्किंग मुख्य गेट के बाहर बनाने के बजाय कैंपस के भीतर ऐसे स्थान पर बनाई जानी चाहिए, जहां से मरीजों और तीमारदारों को आईपीडी और ओपीडी तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़े।
एम्स की मौजूदा पार्किंग अस्पताल परिसर से काफी नीचे है। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को वाहन खड़ा करने के बाद चढ़ाई चढ़कर कैंपस तक पहुंचना पड़ता है। गंभीर, बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार तीमारदारों को मरीजों को सहारा देकर अस्पताल तक ले जाना पड़ता है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि नई मल्टी लेवल पार्किंग भी मुख्य गेट के बाहर बनाई गई तो वाहन तो व्यवस्थित हो जाएंगे, लेकिन मरीजों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बाद मरीजों को गेट से कैंपस के भीतर और फिर आईपीडी-ओपीडी तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
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कम आवाजाही वाली जगह पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता
पार्किंग के लिए जिस स्थान को चिह्नित किए जाने की बात कही जा रही है, उसकी उपयोगिता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि पार्किंग मरीजों की नियमित आवाजाही वाले क्षेत्र से दूर रही तो इसका इस्तेमाल सीमित हो सकता है। कम आवाजाही वाले स्थान पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहेगी। उनका कहना है कि पार्किंग का स्थान तय करते समय मरीजों और तीमारदारों की सुविधा, आईपीडी-ओपीडी से दूरी और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। एक बार पार्किंग का निर्माण होने के बाद स्थान बदलना आसान नहीं होगा, इसलिए अभी उपयुक्त जगह का चयन जरूरी है।
कैंपस के भीतर जगह तलाशने की मांग
जिला परिषद सदस्य जांगला वार्ड देवांश चंदेल, बरमाणा वार्ड से अशोक कुमार, बीडीसी सदस्य पंजगाईं निशा चंदेल, पंचायत प्रधान सुशीला शर्मा, प्रधान अभिषेक ठाकुर, प्रधान सपना ठाकुर, उपप्रधान छोटा राम, प्रधान ज्योति देवी और प्रधान देशराज शर्मा समेत कई पंचायत प्रतिनिधियों ने एम्स परिसर के भीतर पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने कहा कि कैंपस के अंदर ऐसी जगह चुनी जानी चाहिए, जहां से मरीज सीधे उपचार क्षेत्रों तक पहुंच सकें। उन्होंने एम्स प्रबंधन से पूछा है कि क्या प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग मुख्य गेट के बाहर ही बनाई जा रही है। यदि ऐसा है तो मरीजों और तीमारदारों को आईपीडी-ओपीडी तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कैंपस के भीतर वैकल्पिक स्थल तलाशने पर विचार किया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नई पार्किंग के लिए मुख्य गेट के बाहर जगह चिह्नित किए जाने की बात सामने आ रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पार्किंग मुख्य गेट के बाहर बनाने के बजाय कैंपस के भीतर ऐसे स्थान पर बनाई जानी चाहिए, जहां से मरीजों और तीमारदारों को आईपीडी और ओपीडी तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़े।
एम्स की मौजूदा पार्किंग अस्पताल परिसर से काफी नीचे है। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को वाहन खड़ा करने के बाद चढ़ाई चढ़कर कैंपस तक पहुंचना पड़ता है। गंभीर, बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार तीमारदारों को मरीजों को सहारा देकर अस्पताल तक ले जाना पड़ता है।
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जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि नई मल्टी लेवल पार्किंग भी मुख्य गेट के बाहर बनाई गई तो वाहन तो व्यवस्थित हो जाएंगे, लेकिन मरीजों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बाद मरीजों को गेट से कैंपस के भीतर और फिर आईपीडी-ओपीडी तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
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कम आवाजाही वाली जगह पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता
पार्किंग के लिए जिस स्थान को चिह्नित किए जाने की बात कही जा रही है, उसकी उपयोगिता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि पार्किंग मरीजों की नियमित आवाजाही वाले क्षेत्र से दूर रही तो इसका इस्तेमाल सीमित हो सकता है। कम आवाजाही वाले स्थान पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहेगी। उनका कहना है कि पार्किंग का स्थान तय करते समय मरीजों और तीमारदारों की सुविधा, आईपीडी-ओपीडी से दूरी और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। एक बार पार्किंग का निर्माण होने के बाद स्थान बदलना आसान नहीं होगा, इसलिए अभी उपयुक्त जगह का चयन जरूरी है।
कैंपस के भीतर जगह तलाशने की मांग
जिला परिषद सदस्य जांगला वार्ड देवांश चंदेल, बरमाणा वार्ड से अशोक कुमार, बीडीसी सदस्य पंजगाईं निशा चंदेल, पंचायत प्रधान सुशीला शर्मा, प्रधान अभिषेक ठाकुर, प्रधान सपना ठाकुर, उपप्रधान छोटा राम, प्रधान ज्योति देवी और प्रधान देशराज शर्मा समेत कई पंचायत प्रतिनिधियों ने एम्स परिसर के भीतर पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने कहा कि कैंपस के अंदर ऐसी जगह चुनी जानी चाहिए, जहां से मरीज सीधे उपचार क्षेत्रों तक पहुंच सकें। उन्होंने एम्स प्रबंधन से पूछा है कि क्या प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग मुख्य गेट के बाहर ही बनाई जा रही है। यदि ऐसा है तो मरीजों और तीमारदारों को आईपीडी-ओपीडी तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कैंपस के भीतर वैकल्पिक स्थल तलाशने पर विचार किया जा रहा है।