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Bilaspur News: बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक बच्चों के टूर पर अभिभावकों ने जताई कड़ी आपत्ति
Wed, 10 Dec 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 10 Dec 2025 11:21 PM IST
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ठंड के मौसम, बढ़ती बीमारियों के बीच सवालों के घेरे में स्कूलों के टूर कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं के नजदीक आते ही जिले के अभिभावक स्कूलों की ओर से आयोजित किए जा रहे टूर कार्यक्रमों पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि पढ़ाई के इस महत्वपूर्ण समय में बच्चों को शैक्षणिक माहौल से बाहर ले जाना शिक्षा प्रणाली की प्राथमिकताओं पर ही प्रश्नचिन्ह लगाना है।
अभिभावकों ने चिंता जताई कि ठंड का मौसम शुरू हो चुका है और मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे समय में बच्चों को लंबी यात्राओं पर भेजना जोखिमपूर्ण होने के साथ-साथ पूरी तरह अनावश्यक है। अभिभावक अनिल कुमार, राजेश कुमार, अनीता देवी, अशोक कुमार, मदन लाल, किशोरी लाल सहित दर्जनों अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस असमय टूर आयोजित करने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसा जाए। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नरेश सहोड़ ने कहा कि परीक्षा नजदीक होने और ठंड बढ़ने के कारण इस समय छात्रों को भ्रमण पर ले जाना बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने शिक्षा विभाग और सरकार से इस दिशा में तुरंत संज्ञान लेने की अपील की। इस संवेदनशील दौर में किसी भी तरह के टूर बच्चों की पढ़ाई में बाधा डालते हैं और अनावश्यक जोखिम पैदा करते हैं।
अभिभावकों ने ऐसे टूर आयोजित करने वाले मुख्याध्यापकों और प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लग सके ।
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शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल बिना समग्र शिक्षा अभियान की अनुमति के छात्रों को भ्रमण पर नहीं ले जा सकता। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार की ओर से बजट का प्रावधान होता है, लेकिन फिलहाल विभाग के पास भ्रमण के लिए कोई बजट नहीं आया है। यदि कोई स्कूल एसएमसी के प्रस्ताव के आधार पर जा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी उसी की होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं के नजदीक आते ही जिले के अभिभावक स्कूलों की ओर से आयोजित किए जा रहे टूर कार्यक्रमों पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि पढ़ाई के इस महत्वपूर्ण समय में बच्चों को शैक्षणिक माहौल से बाहर ले जाना शिक्षा प्रणाली की प्राथमिकताओं पर ही प्रश्नचिन्ह लगाना है।
अभिभावकों ने चिंता जताई कि ठंड का मौसम शुरू हो चुका है और मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे समय में बच्चों को लंबी यात्राओं पर भेजना जोखिमपूर्ण होने के साथ-साथ पूरी तरह अनावश्यक है। अभिभावक अनिल कुमार, राजेश कुमार, अनीता देवी, अशोक कुमार, मदन लाल, किशोरी लाल सहित दर्जनों अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस असमय टूर आयोजित करने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसा जाए। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नरेश सहोड़ ने कहा कि परीक्षा नजदीक होने और ठंड बढ़ने के कारण इस समय छात्रों को भ्रमण पर ले जाना बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने शिक्षा विभाग और सरकार से इस दिशा में तुरंत संज्ञान लेने की अपील की। इस संवेदनशील दौर में किसी भी तरह के टूर बच्चों की पढ़ाई में बाधा डालते हैं और अनावश्यक जोखिम पैदा करते हैं।
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अभिभावकों ने ऐसे टूर आयोजित करने वाले मुख्याध्यापकों और प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लग सके ।
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शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल बिना समग्र शिक्षा अभियान की अनुमति के छात्रों को भ्रमण पर नहीं ले जा सकता। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार की ओर से बजट का प्रावधान होता है, लेकिन फिलहाल विभाग के पास भ्रमण के लिए कोई बजट नहीं आया है। यदि कोई स्कूल एसएमसी के प्रस्ताव के आधार पर जा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी उसी की होगी।