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Bilaspur News: परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार ने साझा किए कारगिल युद्ध के अनुभव

Sun, 13 Sep 2026 11:43 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:43 PM IST
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Param Vir Chakra awardee Sanjay Kumar shared his experiences of the Kargil War.
संकल्प एक्सपीडिशन शिविर में एनसीसी कैडेट्स गोबिंद सागर झील में नौकायान करते हुए। स्रोत: जागरूक
संकल्प एक्सपीडिशन-2026 के छठे दिन गोबिंद सागर झील में 70 एनसीसी कैडेट्स ने 45 किलोमीटर का नौकायन किया
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कठिन जल परिस्थितियों में टीमवर्क और अनुशासन का दिया परिचय

संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। संकल्प एक्सपीडिशन-2026 के छठे दिन 70 एनसीसी कैडेट्स ने गोबिंद सागर झील में कलोल से अगली नौकायन यात्रा शुरू की। दिन की शुरुआत परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार के प्रेरणादायक संबोधन से हुई। उन्होंने कैडेट्स के साथ अपने सैन्य जीवन और कारगिल युद्ध के अनुभव साझा किए।
संजय कुमार ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस, शौर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए कठिन अभियानों को सफलता में बदला। उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भी अनुशासन, आत्मविश्वास और देश के प्रति समर्पण के साथ लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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उन्होंने कैडेट्स के जोश, जज्बे और साहस की सराहना करते हुए उन्हें जीवन में इसी उत्साह को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए इस तरह के आयोजन आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के साथ राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करते हैं। कैडेट्स से संवाद के बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर उन्हें गोबिंद सागर झील में अगले पड़ाव के लिए रवाना किया।
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छठे दिन गोबिंद सागर झील में तेज हवाओं और ऊंची लहरों ने कैडेट्स के नौकायन कौशल की परीक्षा ली। चुनौतीपूर्ण जल परिस्थितियों के बावजूद कैडेट्स ने पूरे हौसले और अनुशासन के साथ नौकायन जारी रखा। प्रशिक्षकों की देखरेख में उन्होंने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच नौकायन के गुर सीखे। कैडेट्स ने पूरे दिन में 45 किलोमीटर का सफर तय किया और देर शाम कोसरियां पहुंचकर छठे दिन की यात्रा पूरी की।

कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार के अनुभव और प्रेरणादायक शब्द कैडेट्स के लिए जीवनभर की सीख हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस और दृढ़ संकल्प के साथ कठिन परिस्थितियों का सामना किया, वही जज्बा आज कैडेट्स में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि गोबिंद सागर झील की तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बावजूद 45 किलोमीटर का नौकायन पूरा करना कैडेट्स के मजबूत हौसले, प्रशिक्षण और टीम भावना का प्रमाण है। उन्होंने कैडेट्स को इसी जज्बे और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

संकल्प एक्सपीडिशन शिविर में एनसीसी कैडेट्स गोबिंद सागर झील में नौकायान करते हुए। स्रोत: जागरूक

संकल्प एक्सपीडिशन शिविर में एनसीसी कैडेट्स गोबिंद सागर झील में नौकायान करते हुए। स्रोत: जागरूक

संकल्प एक्सपीडिशन शिविर में एनसीसी कैडेट्स गोबिंद सागर झील में नौकायान करते हुए। स्रोत: जागरूक

संकल्प एक्सपीडिशन शिविर में एनसीसी कैडेट्स गोबिंद सागर झील में नौकायान करते हुए। स्रोत: जागरूक

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