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क्रास वोटिंग के खेल में सभी राजनीतिक समीकरण फेल

Sat, 23 Jan 2016 07:53 PM IST
राजकुमार सेन बिलासपुर।
राजकुमार सेन बिलासपुर। Updated Sat, 23 Jan 2016 07:53 PM IST
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34 सदस्यों वाली पंचायत समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस और भाजपा समर्थित सदस्यों ने दावेदारी जताई, लेकिन हाल के भीतर हुई क्रास वोटिंग से अध्यक्ष पद कांग्रेस को और उपाध्यक्ष पद भाजपा के खाते में चला गया।

 अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित दिनेश शर्मा को 34 में से 22 वोट मिले, तो वहीं उपाध्यक्ष पद को चुनावी रण में उतरे भाजपा समर्थित सूरज कपिल को 16 मत पड़े। बीडीसी अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद एक दल को न मिलने से स्पष्ट हो गया कि यहां पर क्रास वोटिंग ने अपना खेल दिखा दिया।
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शनिवार को घुमारवीं बीडीसी अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद के लिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों कांग्रेस तथा भाजपा ने अपने समर्थित उम्मीदवारों पर दांव खेला। अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव से पहले ही कांग्रेस तथा भाजपा ने अपने-अपने समीकरण बना रखे थे।
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कांग्रेस ने जहां अध्यक्ष पद के लिए दिनेश शर्मा को मैदान में उतारा, तो वहीं उपाध्यक्ष पद पर वंदना पर दाव खेला। लेकिन, अध्यक्ष पद के लिए यहां पर दिनेश शर्मा 22 मत लेकर जीत गए जबकि उपाध्यक्ष के खाते में महज 12 वोट मिले। यानि की अध्यक्ष को कुल पड़ने वाले 22 वोटों में से उपाध्यक्ष के लिए 10 वोट कम हो गए। जबकि भाजपा का समर्थन अध्यक्ष पद के लिए चमन शर्मा को तथा उपाध्यक्ष पद के लिए सूरज कपिल को मिला था। जिसमें चमन को 8 वोट मिले जबकि सूरज कपिल 16 वोट ले गया। इसमें भी साफ जाहिर हो रहा है कि एक ही दल के समर्थित उम्मीदवारों को अलग-अलग मत मिलना क्रॉस वोटिंग को इशारा कर रहा है।

चुनावों से पहले कांग्रेस तथा भाजपा दोनों दल अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद पर अपना कब्जा जमाने की बात कह रहे थे। लेकिन, क्रास वोटिंग ने कांग्रेस को अध्यक्ष तथा भाजपा को उपाध्यक्ष पद दिला दिया। इससे बीडीसी घुमारवीं में कांग्रेस तथा भाजपा के खाते में फिफ्टी-फिफ्टी रही।



बॉक्स :
भाजपा को उठाना पड़ा नुकसान  
पिछली बीडीसी के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित सदस्यों का ही कब्जा था। लेकिन, इस बार अध्यक्ष पद पर कांग्रेस तथा उपाध्यक्ष पद भाजपा के खाते में गया। इससे कांग्रेस को इस बार अध्यक्ष पद का लाभ मिला, जबकि भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा।
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