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Bilaspur News: आदेश हुए मगर अमल नहीं, फुटपाथों पर वाहनों का कब्जा बरकरार
Wed, 07 Jan 2026 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:25 PM IST
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घुमारवीं में फुटपाथ पर गाड़ियां। संवाद
सख्त निर्देशों के बावजूद कार्रवाई न होने से राहगीर सड़क पर चलने को मजबूर
लगातार बढ़ रहा हादसों का खतरा, दिनभर फुटपाथ पर होते हैं वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रशासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद घुमारवीं नगर परिषद क्षेत्र के फुटपाथ आज भी गाड़ियों की अवैध पार्किंग से जकड़े हुए हैं। उप मंडलीय अधिकारी घुमारवीं की ओर से कुछ दिन पहले पुलिस प्रशासन को फुटपाथ खाली करवाने के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन आदेश पर अमल नहीं हुआ और फुटपाथ पर वाहनों का कब्जा बरकरार है। ऐसे में आम नागरिक सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे हरदम हादसे का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पहले शहरवासियों ने इसी मुद्दे को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की थी। लोगों का कहना था कि पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथों पर गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे राहगीरों, खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर सड़कों पर चलना पड़ता है। लोगों ने तब भी चेताया था कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ेगा। दुर्भाग्यवश, उनकी आशंकाएं आज सच साबित होती दिख रही हैं। शहर का कोई एक इलाका नहीं, बल्कि लगभग पूरे घुमारवीं के फुटपाथ इसी बदहाली का शिकार हैं। गांधी चौक से सिविल अस्पताल की ओर जाने वाला मुख्य फुटपाथ हो या फिर शहर के एकमात्र मॉल के सामने का क्षेत्र हर जगह फुटपाथ पर गाड़ियों की कतारें आम नजारा बन चुकी हैं। एसबीआई बैंक से लेकर अस्पताल तक दिनभर फुटपाथ पर वाहन खड़े रहते हैं। मजबूरन राहगीरों को व्यस्त सड़क पर चलना पड़ता है, जहां हर पल किसी बड़े हादसे का खतरा मंडराता रहता है। बीते दिनों इन इलाकों में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं। खासकर बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है, जिन्हें फुटपाथ पर जगह न मिलने के कारण सड़क पर चलते समय वाहनों की टक्कर का शिकार होना पड़ा। इसके बावजूद प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही समझ से परे है। न तो नियमित चालान किए जा रहे हैं और न ही अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों को हटाने की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है। शहरवासियों का सवाल सीधा और तीखा है जब प्रशासन के आदेशों का कोई असर नहीं होना, तो फिर ऐसे आदेशों का औचित्य ही क्या है? यदि यही हाल रहा तो फुटपाथों का अस्तित्व सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।
कोट
पुलिस विभाग को इस बारे में दिशा निर्देश जारी किए गए थे। क्यों अमल नहीं हुआ और अभी तक का क्यों गाड़ियां फुटपाथ पर लग रही हैं इस बारे में बात की जाएगी। हिदायत दी जाएगी कि ऐसे सभी लोगों के साथ जिन्होंने फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी की हैं सख्ती से निपटा जाए और उनके चालान किया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
गौरव चौधरी, एसडीएम ,घुमारवीं
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लगातार बढ़ रहा हादसों का खतरा, दिनभर फुटपाथ पर होते हैं वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रशासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद घुमारवीं नगर परिषद क्षेत्र के फुटपाथ आज भी गाड़ियों की अवैध पार्किंग से जकड़े हुए हैं। उप मंडलीय अधिकारी घुमारवीं की ओर से कुछ दिन पहले पुलिस प्रशासन को फुटपाथ खाली करवाने के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन आदेश पर अमल नहीं हुआ और फुटपाथ पर वाहनों का कब्जा बरकरार है। ऐसे में आम नागरिक सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे हरदम हादसे का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पहले शहरवासियों ने इसी मुद्दे को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की थी। लोगों का कहना था कि पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथों पर गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे राहगीरों, खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर सड़कों पर चलना पड़ता है। लोगों ने तब भी चेताया था कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ेगा। दुर्भाग्यवश, उनकी आशंकाएं आज सच साबित होती दिख रही हैं। शहर का कोई एक इलाका नहीं, बल्कि लगभग पूरे घुमारवीं के फुटपाथ इसी बदहाली का शिकार हैं। गांधी चौक से सिविल अस्पताल की ओर जाने वाला मुख्य फुटपाथ हो या फिर शहर के एकमात्र मॉल के सामने का क्षेत्र हर जगह फुटपाथ पर गाड़ियों की कतारें आम नजारा बन चुकी हैं। एसबीआई बैंक से लेकर अस्पताल तक दिनभर फुटपाथ पर वाहन खड़े रहते हैं। मजबूरन राहगीरों को व्यस्त सड़क पर चलना पड़ता है, जहां हर पल किसी बड़े हादसे का खतरा मंडराता रहता है। बीते दिनों इन इलाकों में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं। खासकर बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है, जिन्हें फुटपाथ पर जगह न मिलने के कारण सड़क पर चलते समय वाहनों की टक्कर का शिकार होना पड़ा। इसके बावजूद प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही समझ से परे है। न तो नियमित चालान किए जा रहे हैं और न ही अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों को हटाने की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है। शहरवासियों का सवाल सीधा और तीखा है जब प्रशासन के आदेशों का कोई असर नहीं होना, तो फिर ऐसे आदेशों का औचित्य ही क्या है? यदि यही हाल रहा तो फुटपाथों का अस्तित्व सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।
कोट
पुलिस विभाग को इस बारे में दिशा निर्देश जारी किए गए थे। क्यों अमल नहीं हुआ और अभी तक का क्यों गाड़ियां फुटपाथ पर लग रही हैं इस बारे में बात की जाएगी। हिदायत दी जाएगी कि ऐसे सभी लोगों के साथ जिन्होंने फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी की हैं सख्ती से निपटा जाए और उनके चालान किया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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गौरव चौधरी, एसडीएम ,घुमारवीं