शाहतलाई (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत नघ्यार के नघ्यार और भगतपुर गांव को टीसीपी एरिया में शामिल करने का विरोध किया जा रहा है। पंचायत प्रधान बबीता कुमारी और उपप्रधान मीनाक्षी की अगुवाई में ग्रामीणों ने वीरवार को एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि अगर सरकार इस पर विचार नहीं करती तो पंचायत में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
नघ्यार पंचायत के यह दोनों गांव कोटधार के अंतिम छोर पर बसे हैं। दोनों गांवों में भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि सड़क तो दूर यहां चलने के लिए अच्छे रास्ते भी नहीं हैं। करीब 110 परिवार गरीबी रेखा से नीचे हैं। लोगों के पास ऐसा कोई व्यवसाय भी नहीं है जिससे वे साधन संपन्न हो सकें। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस क्षेत्र में उद्योग भी स्थापित नहीं किए जा सकते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि गांव के लोग कृषि पर निर्भर हैं और कृषि इंद्र देवता की मेहरबानी पर है। कहा कि गांव की गरीब जनता घर बनाने के लिए सरकार की ओर देख रही है, जबकि सरकार उन्हें टीसीपी के दायरे में लाकर टैक्स वसूलने की सोच रही है। अगर सरकार दोनों गांवों को टीसीपी एरिया से बाहर नहीं करती है तो ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इस अवसर पर पंचायत सदस्य नीलम कुमारी, पूनम कुमारी, कौशल्या देवी, राजो देवी, मनोज कुमार, भाग सिंह, किशोरी लाल, पूर्व प्रधान यशोदा देवी व अन्य मौजूद रहे।