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Bilaspur News: घुमारवीं में स्ट्रीट वेंडर की आड़ में खुलेआम अतिक्रमण
Sat, 10 Jan 2026 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:25 PM IST
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घुमारवीं में स्ट्रीट वेंडर की आड़ में खुलेआम अतिक्रमण । संवाद
प्रशासनिक चुप्पी से स्थानीय व्यापारियों में रोष
शीघ्र ठोस कार्रवाई न करने पर व्यापारी धरना-प्रदर्शन करने पर होंगे मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में लोहड़ी पर्व की आड़ लेकर स्ट्रीट वेंडर के नाम पर जिस तरह से खुलेआम अवैध कब्जे किए जा रहे हैं, इससे स्थानीय व्यापारियों में आक्रोष है। रेवड़ी और मूंगफली बेचने के बहाने शहर के प्रमुख बाजारों, फुटपाथों और सड़कों पर बड़े-बड़े शामियाने लगाकर सरकारी भूमि पर कब्जा जमाना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाना है, बल्कि यह प्रशासन की खुली विफलता का प्रमाण भी है।
स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि जिन प्रवासी विक्रेताओं को सीमित दायरे में रेहड़ी फड़ी लगाने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने अब पूरे शहर को अतिक्रमण का अड्डा बना दिया है। इससे भी गंभीर बात यह है कि नगर परिषद की ओर से लगाए गए पेवर ब्लॉक उखाड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। दूसरी तरफ से फुटपाथ पर भी कब्जा किया गया है, जिससे पैदल चलने वालों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। एक तरफ स्थानीय व्यापारी भारी किराया, टैक्स, बिजली, पानी के बिल और अन्य सरकारी देनदारियां ईमानदारी से अदा कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मात्र 30-50 रुपये की पर्ची के सहारे खुलेआम सड़कों पर कब्जा कर व्यापार किया जा रहा है। यह न केवल कानून का मजाक है, बल्कि स्थायी दुकानदारों के साथ सीधा अन्याय भी है। व्यापारियों का कहना है कि इन तथाकथित स्ट्रीट वेंडरों के पास न तो वैध पंजीकरण है और न ही फूड लाइसेंस इसके बावजूद खुलेआम खाद्य सामग्री बेची जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग, नगर परिषद और प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या नियम केवल स्थायी दुकानदारों के लिए हैं। घर-घर फेरी और सड़कों पर कब्जे के कारण बाजारों में ग्राहक पहुंच ही नहीं पा रहे, जिससे छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर सीधा संकट मंडरा रहा है। यही हाल रहा तो आने वाले समय में घुमारवीं का पारंपरिक बाजार पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए। फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई दोषियों से करवाई जाए। यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उधर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद घुमारवीं खेमचंद वर्मा ने बताया कि नगर परिषद के तहत शहर में इस तरह का अतिक्रमण करने की किसी को इजाजत नहीं है, स्ट्रीट वेंडर को केवल रेहड़ी लगाने की इजाजत दी गई है इसके अलावा अगर कोई भी शहर में स्थाई या अस्थाई तौर पर अतिक्रमण करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शीघ्र ठोस कार्रवाई न करने पर व्यापारी धरना-प्रदर्शन करने पर होंगे मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में लोहड़ी पर्व की आड़ लेकर स्ट्रीट वेंडर के नाम पर जिस तरह से खुलेआम अवैध कब्जे किए जा रहे हैं, इससे स्थानीय व्यापारियों में आक्रोष है। रेवड़ी और मूंगफली बेचने के बहाने शहर के प्रमुख बाजारों, फुटपाथों और सड़कों पर बड़े-बड़े शामियाने लगाकर सरकारी भूमि पर कब्जा जमाना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाना है, बल्कि यह प्रशासन की खुली विफलता का प्रमाण भी है।
स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि जिन प्रवासी विक्रेताओं को सीमित दायरे में रेहड़ी फड़ी लगाने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने अब पूरे शहर को अतिक्रमण का अड्डा बना दिया है। इससे भी गंभीर बात यह है कि नगर परिषद की ओर से लगाए गए पेवर ब्लॉक उखाड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। दूसरी तरफ से फुटपाथ पर भी कब्जा किया गया है, जिससे पैदल चलने वालों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। एक तरफ स्थानीय व्यापारी भारी किराया, टैक्स, बिजली, पानी के बिल और अन्य सरकारी देनदारियां ईमानदारी से अदा कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मात्र 30-50 रुपये की पर्ची के सहारे खुलेआम सड़कों पर कब्जा कर व्यापार किया जा रहा है। यह न केवल कानून का मजाक है, बल्कि स्थायी दुकानदारों के साथ सीधा अन्याय भी है। व्यापारियों का कहना है कि इन तथाकथित स्ट्रीट वेंडरों के पास न तो वैध पंजीकरण है और न ही फूड लाइसेंस इसके बावजूद खुलेआम खाद्य सामग्री बेची जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग, नगर परिषद और प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या नियम केवल स्थायी दुकानदारों के लिए हैं। घर-घर फेरी और सड़कों पर कब्जे के कारण बाजारों में ग्राहक पहुंच ही नहीं पा रहे, जिससे छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर सीधा संकट मंडरा रहा है। यही हाल रहा तो आने वाले समय में घुमारवीं का पारंपरिक बाजार पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा।
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व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए। फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई दोषियों से करवाई जाए। यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उधर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद घुमारवीं खेमचंद वर्मा ने बताया कि नगर परिषद के तहत शहर में इस तरह का अतिक्रमण करने की किसी को इजाजत नहीं है, स्ट्रीट वेंडर को केवल रेहड़ी लगाने की इजाजत दी गई है इसके अलावा अगर कोई भी शहर में स्थाई या अस्थाई तौर पर अतिक्रमण करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घुमारवीं में स्ट्रीट वेंडर की आड़ में खुलेआम अतिक्रमण । संवाद
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