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Bilaspur News: पुराने बीएड डिग्री धारकों ने गेस्ट टीचर भर्ती का किया विरोध
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- बोले, इस तरह की भर्तियों के कारण ओवर एज हो रहे हैं युवा
- बैचवाइज और कमीशन के आधार पर की जाएं नई भर्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। प्रदेश सरकार की ओर से भविष्य में स्कूलों और कॉलेजों में गेस्ट टीचर रखे जाने के प्रस्ताव का बेरोजगार बीएड डिग्री धारकों और अन्य युवाओं ने विरोध किया है। इस तरह की भर्तियों के कारण बहुत से युवा नौकरी के इंतजार में ओवर एज हो रहे हैं।
बेरोजगार युवाओं मनोज कुमार, संतोष कुमार, लेखराम, संतराम, संजय, मीना, नीना, शकुंतला, शशिबाला ने कहा कि वह करीब दो दशक पहले बीएड, जेबीटी कर चुके हैं, लेकिन अध्यापकों के पद किन्हीं कारणों से भरे नहीं गए। अब जब पदों को भरने की बारी आई तो शिक्षकों की गेस्ट टीचर भर्ती सरकार निकाल रही है। उन्होंने कहा कि पहले की शिक्षा पद्धति और अब की पद्धति में काफी अंतर है। पहले 60 से 70 प्रतिशत अंक लाना बहुत बड़ी बात थी। आज के समय में 80 से 90 प्रतिशत अंक लाना आम बात है। इसकी वजह से पुराने बीएड या अन्य डिग्री धारक नौकरी से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि बैचवाइज और कमीशन के आधार पर ही स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्तियां की जाए।
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- बैचवाइज और कमीशन के आधार पर की जाएं नई भर्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। प्रदेश सरकार की ओर से भविष्य में स्कूलों और कॉलेजों में गेस्ट टीचर रखे जाने के प्रस्ताव का बेरोजगार बीएड डिग्री धारकों और अन्य युवाओं ने विरोध किया है। इस तरह की भर्तियों के कारण बहुत से युवा नौकरी के इंतजार में ओवर एज हो रहे हैं।
बेरोजगार युवाओं मनोज कुमार, संतोष कुमार, लेखराम, संतराम, संजय, मीना, नीना, शकुंतला, शशिबाला ने कहा कि वह करीब दो दशक पहले बीएड, जेबीटी कर चुके हैं, लेकिन अध्यापकों के पद किन्हीं कारणों से भरे नहीं गए। अब जब पदों को भरने की बारी आई तो शिक्षकों की गेस्ट टीचर भर्ती सरकार निकाल रही है। उन्होंने कहा कि पहले की शिक्षा पद्धति और अब की पद्धति में काफी अंतर है। पहले 60 से 70 प्रतिशत अंक लाना बहुत बड़ी बात थी। आज के समय में 80 से 90 प्रतिशत अंक लाना आम बात है। इसकी वजह से पुराने बीएड या अन्य डिग्री धारक नौकरी से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि बैचवाइज और कमीशन के आधार पर ही स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्तियां की जाए।
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