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फोरलेन कंपनी को कमेटी की रिपोर्ट के बाद मिलेगी ब्लास्टिंग के लिए एनओसी
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन कंपनी को टनलों के निर्माण के लिए की जाने वाली ब्लास्टिंग के लिए कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलेगा। उपायुक्त बिलासपुर ने इसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया है। इसमें राजस्व, खनन, पुलिस, जियोलॉजिस्ट और अन्य विभागों के सदस्य शामिल किए गए हैं।
जियोलॉजिस्ट रिपोर्ट तैयार करेंगे कि यह साइट ब्लास्टिंग के लिए सही है या नहीं। इससे आसपास के रिहायशी क्षेत्र में क्या प्रभाव होंगे, इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगे। इसके बाद ही तय होगा कि एनओसी मिलेगी या नहीं।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने प्रशासन को शिकायत भेजी है कि भारी ब्लास्टिंग से आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में लोगों को भारी नुकसान हो रहा है। सड़क निर्माण कंपनी को दिए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र पर समिति ने शिकायत पत्र देकर विरोध जताया है। आरोप लगाया है कि पूर्व में भी सड़क निर्माण कंपनी ने अवैध तरीके से ब्लास्टिंग कर लोगों के मकानों, सेफ्टी टैंकों, पानी के स्रोतों, टनलों के ऊपर की ग्रीनरी और स्ट्रक्चर्स को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि भारी ब्लास्टिंग से मुहाल टाली, तुनहु, मेहला, थापना आदि में बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। कई बार लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन और कंपनी को दी। लेकिन नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई। अब दूसरी कंपनी ने अनापत्ति प्रमाण के लिए आवेदन कर रखा है। एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने कहा कि फोरलेन में होने वाली ब्लास्टिंग के लिए पहले कमेटी स्पॉट विजिट करेगी। रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी। इसके बाद तय करेंगे कि एनओसी देनी है या नहीं।
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इनसेट
पहले पंचायत से मिलती थी एनओसी
इससे पहले ब्लास्टिंग के लिए पंचायत स्तर पर एनओसी मिलती थी। इसका समिति ने विरोध किया है। चेतावनी दी है कि पंचायत सचिवों से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्रों के बाद अगर मौके पर कोई जानमाल का नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पंचायत सचिवों की होगी। समिति ने सवाल उठाया है कि पंचायत सचिवों ने किस आधार पर ब्लास्टिंग के लिए अनापत्ति प्रमाण दिए, क्या वे ब्लास्टिंग के विशेषज्ञ हैं? इसके बाद अब कमेटी का गठन किया गया है।
इनसेट
छानबीन के लिए एनएचएआई को भेजी नुकसान की शिकायत
ब्लास्टिंग के कारण हुए नुकसान की शिकायत को स्वारघाट एसडीएम ने फोरलेन परियोजना निदेशक को भेजा है। उन्होंने एनएचएआई को आदेश दिए हैं कि वे इस मामले की छानबीन कर इस पर कार्रवाई करे।
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जियोलॉजिस्ट रिपोर्ट तैयार करेंगे कि यह साइट ब्लास्टिंग के लिए सही है या नहीं। इससे आसपास के रिहायशी क्षेत्र में क्या प्रभाव होंगे, इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगे। इसके बाद ही तय होगा कि एनओसी मिलेगी या नहीं।
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने प्रशासन को शिकायत भेजी है कि भारी ब्लास्टिंग से आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में लोगों को भारी नुकसान हो रहा है। सड़क निर्माण कंपनी को दिए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र पर समिति ने शिकायत पत्र देकर विरोध जताया है। आरोप लगाया है कि पूर्व में भी सड़क निर्माण कंपनी ने अवैध तरीके से ब्लास्टिंग कर लोगों के मकानों, सेफ्टी टैंकों, पानी के स्रोतों, टनलों के ऊपर की ग्रीनरी और स्ट्रक्चर्स को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि भारी ब्लास्टिंग से मुहाल टाली, तुनहु, मेहला, थापना आदि में बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। कई बार लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन और कंपनी को दी। लेकिन नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई। अब दूसरी कंपनी ने अनापत्ति प्रमाण के लिए आवेदन कर रखा है। एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने कहा कि फोरलेन में होने वाली ब्लास्टिंग के लिए पहले कमेटी स्पॉट विजिट करेगी। रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी। इसके बाद तय करेंगे कि एनओसी देनी है या नहीं।
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पहले पंचायत से मिलती थी एनओसी
इससे पहले ब्लास्टिंग के लिए पंचायत स्तर पर एनओसी मिलती थी। इसका समिति ने विरोध किया है। चेतावनी दी है कि पंचायत सचिवों से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्रों के बाद अगर मौके पर कोई जानमाल का नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पंचायत सचिवों की होगी। समिति ने सवाल उठाया है कि पंचायत सचिवों ने किस आधार पर ब्लास्टिंग के लिए अनापत्ति प्रमाण दिए, क्या वे ब्लास्टिंग के विशेषज्ञ हैं? इसके बाद अब कमेटी का गठन किया गया है।
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छानबीन के लिए एनएचएआई को भेजी नुकसान की शिकायत
ब्लास्टिंग के कारण हुए नुकसान की शिकायत को स्वारघाट एसडीएम ने फोरलेन परियोजना निदेशक को भेजा है। उन्होंने एनएचएआई को आदेश दिए हैं कि वे इस मामले की छानबीन कर इस पर कार्रवाई करे।