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Bilaspur News: कोल बांध विस्थापितों की समस्याओं पर अब नहीं चलेगी देरी, अधिकारियों की तय हुई जवाबदेही

Fri, 10 Jul 2026 12:33 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 12:33 AM IST
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No more delays in addressing the issues of Kol Dam oustees; accountability of officials fixed.
राज्य स्तरीय कोल बांध विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत: डी
प्लॉट आवंटन, पुनर्वास सुविधाओं और रोजगार पर समयबद्ध कार्रवाई के दिए मंडलायुक्त ने दिए निर्देश
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जमथल के परिवारों के स्थायी पते का मामला एक सप्ताह में सुलझाने को कहा
हरनोड़ा में खेल मैदान और सोलर स्ट्रीट लाइट की होगी व्यवस्था

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कोल बांध विस्थापित परिवारों की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर सरकार ने एक बार फिर अधिकारियों की जवाबदेही तय की है। वीरवार को बचत भवन बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कोल बांध विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की बैठक में मंडलायुक्त मंडी आरके परुथी ने साफ कहा कि पुनर्वास से जुड़े मामलों को अब और लंबित नहीं रखा जाएगा।
बैठक में पात्र परिवारों को प्लॉट आवंटन, पुनर्वास कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं और रोजगार जैसे मुद्दों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में सामने आया कि अभी भी कई पात्र परिवार प्लॉट आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि पुनर्वास क्षेत्रों में सड़क, पेयजल और सीवरेज जैसी सुविधाओं से जुड़े कई कार्य अधूरे हैं। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं और प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए। डीपीएफ जमथल में बसाए गए परिवारों की लंबे समय से चली आ रही स्थायी पते की समस्या भी उठी। मंडलायुक्त ने तहसीलदार सदर और खंड विकास अधिकारी सदर को एक सप्ताह के भीतर इस मामले का समाधान करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि इस निर्णय से लंबे समय से दस्तावेजी परेशानियों का सामना कर रहे परिवारों को राहत मिल सकती है। रोजगार का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। एनटीपीसी अधिकारियों ने बताया कि परियोजना प्रभावित 440 लोगों को अब तक रोजगार दिया जा चुका है। इस पर मंडलायुक्त ने कहा कि आगे भर्ती के दौरान उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, जिनके किसी सदस्य को अब तक नौकरी नहीं मिली है।
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उन्होंने कहा कि पुनर्वास का उद्देश्य केवल भूमि का मुआवजा देना नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रभावित परिवार का समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करना है। हरनोड़ा क्षेत्र में खेल मैदान और स्ट्रीट लाइट की मांग पर भी बैठक में चर्चा हुई। उपायुक्त राहुल कुमार ने खंड विकास अधिकारी को मौजूदा खेल मैदान विकसित करने और आवश्यकता पड़ने पर नया मैदान चिह्नित करने के निर्देश दिए। वहीं एनटीपीसी को हरनोड़ा में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए कहा गया। बैठक में सिंचाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जलशक्ति विभाग ने बताया कि प्रस्तावित 59 हेक्टेयर क्षेत्र में से 42 हेक्टेयर भूमि तक सिंचाई का सफल परीक्षण किया जा चुका है और शेष क्षेत्र में भी जल्द पानी पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मंडलायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार समिति की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि कोल बांध प्रभावित परिवारों के मामलों का समयबद्ध निपटारा हो और किसी भी समस्या को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
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