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जिला पुस्कालय में न लाइब्रेरियन और न ही सहायक लाइब्रेरियन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय स्थित जिला पुस्तकालय तीन वर्ष से बिना लाइब्रेरियन के है। यहां सिर्फ एक लिपिक ही तैनात है। करीब एक साल से सहायक लाइब्रेरियन का पद भी रिक्त है।
दोनों पद खाली होने के कारण लाइब्रेरी में रखी किताबों की अलमारियों में ताले जड़े हुए हैं। इसके कारण पुस्तकालय में तीन सालों से नई पुस्तकों की खेप भी नहीं पहुंची है। ऐसे में लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए आने वाले पाठकों को निराशा हाथ लग रही है। किताबों को दीमक लगने का भी डर बना हुआ है। क्योंकि अलमारियों को खोलने का अधिकार केवल सहायक लाइब्रेरियन या फिर मुख्य लाइब्रेरियन का ही होता है।
हालांकि कुछ लोग जिला पुस्तकालय में स्थायी सदस्य बनने के लिए भी आते हैं लेकिन दोनों मुख्य पद खाली होने के कारण नए सदस्य नहीं बनाए जा सकते हैं। इस पुस्तकालय में करीब 50 हजार से अधिक किताबें हैं। ऐसे में ये पुस्तकें इन दिनों राम भरोसे है। लाइब्रेरियन का पद दिसंबर, 2018 से रिक्त चला हुआ है। इसके बाद फरवरी, 2020 में सहायक लाइब्रेरियन भी सेवानिवृत्त हो गईं। इस कारण लाइब्ररेरी में पढ़ने के लिए आ रहे पाठकों को न तो पुस्तकें पढ़ने के लिए मिल रही हैं और न ही पुस्कालय में नई पुस्तकों की खेप आ रही है।
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पाठकों में अभय, गौरव, कंचन, शिवानी ने मांग उठाई है कि लाइब्रेरियन और सहायक लाइब्रेरियन के पद को भरा जाए। वहीं पुस्तकालय में नई पुस्तकें लाई जाएं। ताकि पाठकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उधर, उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने कहा कि मामला ध्यान में है। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
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बिलासपुर। जिला मुख्यालय स्थित जिला पुस्तकालय तीन वर्ष से बिना लाइब्रेरियन के है। यहां सिर्फ एक लिपिक ही तैनात है। करीब एक साल से सहायक लाइब्रेरियन का पद भी रिक्त है।
दोनों पद खाली होने के कारण लाइब्रेरी में रखी किताबों की अलमारियों में ताले जड़े हुए हैं। इसके कारण पुस्तकालय में तीन सालों से नई पुस्तकों की खेप भी नहीं पहुंची है। ऐसे में लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए आने वाले पाठकों को निराशा हाथ लग रही है। किताबों को दीमक लगने का भी डर बना हुआ है। क्योंकि अलमारियों को खोलने का अधिकार केवल सहायक लाइब्रेरियन या फिर मुख्य लाइब्रेरियन का ही होता है।
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हालांकि कुछ लोग जिला पुस्तकालय में स्थायी सदस्य बनने के लिए भी आते हैं लेकिन दोनों मुख्य पद खाली होने के कारण नए सदस्य नहीं बनाए जा सकते हैं। इस पुस्तकालय में करीब 50 हजार से अधिक किताबें हैं। ऐसे में ये पुस्तकें इन दिनों राम भरोसे है। लाइब्रेरियन का पद दिसंबर, 2018 से रिक्त चला हुआ है। इसके बाद फरवरी, 2020 में सहायक लाइब्रेरियन भी सेवानिवृत्त हो गईं। इस कारण लाइब्ररेरी में पढ़ने के लिए आ रहे पाठकों को न तो पुस्तकें पढ़ने के लिए मिल रही हैं और न ही पुस्कालय में नई पुस्तकों की खेप आ रही है।
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पाठकों में अभय, गौरव, कंचन, शिवानी ने मांग उठाई है कि लाइब्रेरियन और सहायक लाइब्रेरियन के पद को भरा जाए। वहीं पुस्तकालय में नई पुस्तकें लाई जाएं। ताकि पाठकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उधर, उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने कहा कि मामला ध्यान में है। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।