{"_id":"5f5e59528ebc3e5aa70d028c","slug":"naina-devi-bilaspur-news-sml344995864","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब लाइव होंगे बाबा बालक नाथ के दर्शन : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब लाइव होंगे बाबा बालक नाथ के दर्शन : डीसी
विज्ञापन
शाहतलाई के बाबा बालक नाथ मंदिर में माथा टेकते उपायुक्त राजेश्वर गोयल।
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ शाहतलाई के मंदिरों का भक्त अब लाइव दर्शन कर सकेंगे। यह बात मंदिरों का जायजा लेने पहुंचे उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कही।
उन्होंने कहा कि श्री नयना देवी जी मंदिर के लाइव दर्शन के बाद अब शाहतलाई के तपोस्थली मंदिरों के भी श्रद्धालुओं को लाइव दर्शन करने की व्यवस्था की जाएगी। उल्लेखनीय है कि बाबा बालक नाथ के दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में देश-विदेशों से श्रद्धालु पूरा वर्ष शाहतलाई आते हैं। यहां 13 मार्च से 14 अप्रैल तक चैत्र मेलों का आयोजन होता है।
इस दौरान भक्त बाबा जी के दर्शन करते हैं। लाखों श्रद्धालु शाहतलाई मंदिरों में शीश नवा कर बाबा जी से मन्नत मांगते हैं। वे मुराद पूरा होने पर अरदास करने के लिए आते हैं। इसके चलते मंदिर न्यास शाहतलाई को करोड़ों रुपये चढ़ावे के रूप में मिलते हैं। इस वर्ष चैत्र मेले कोरोना की भेट चढ़ गए। इसके चलते मंदिर के कपाट 177 दिन तक बंद रहे। बीते वर्ष शाहतलाई मंदिर न्यास को 2 करोड़ 42 लाख का चढ़ावा सितंबर तक ही आ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि श्री नयना देवी जी मंदिर के लाइव दर्शन के बाद अब शाहतलाई के तपोस्थली मंदिरों के भी श्रद्धालुओं को लाइव दर्शन करने की व्यवस्था की जाएगी। उल्लेखनीय है कि बाबा बालक नाथ के दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में देश-विदेशों से श्रद्धालु पूरा वर्ष शाहतलाई आते हैं। यहां 13 मार्च से 14 अप्रैल तक चैत्र मेलों का आयोजन होता है।
विज्ञापन
इस दौरान भक्त बाबा जी के दर्शन करते हैं। लाखों श्रद्धालु शाहतलाई मंदिरों में शीश नवा कर बाबा जी से मन्नत मांगते हैं। वे मुराद पूरा होने पर अरदास करने के लिए आते हैं। इसके चलते मंदिर न्यास शाहतलाई को करोड़ों रुपये चढ़ावे के रूप में मिलते हैं। इस वर्ष चैत्र मेले कोरोना की भेट चढ़ गए। इसके चलते मंदिर के कपाट 177 दिन तक बंद रहे। बीते वर्ष शाहतलाई मंदिर न्यास को 2 करोड़ 42 लाख का चढ़ावा सितंबर तक ही आ गया था।
विज्ञापन