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Bilaspur News: एमआरपी प्रिंट की शराब पर 30 फीसदी से अधिक लिया जा रहा मुनाफा
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घुमारवीं में नीतियों के विरुद्ध बेची जा रही शराब
ग्राहकों की जेब पर डाला जा रहा डाका
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं में शराब के ठेकों पर एमएसपी की जगह एमआरपी प्रिंट की शराब बेचकर उस पर भी 30 फीसदी अतिरिक्त मुनाफा लिया जा रहा। सरकार की नीतियों के विपरीत ग्राहकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
सरकार की तरफ से तय नियमों के तहत शराब की हर बोतल पर एमएसपी तय की गई है। केवल एमएसपी पर ही 30 फीसदी मुनाफा ठेकेदार ले सकते हैं। लेकिन शराब कारोबारी एमआरपी की शराब बेचकर उस पर 30 फीसदी मुनाफा ग्राहकों से मांग रहे हैं। अभी भी कई शराब के ठेकों पर पुराने स्टॉक वाली एमआरपी की शराब बेची जा रही है। उस पर अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। एक तरफ सरकार ने ओवर चार्जिंग पर नीति साफ कर दी है जिस पर पहली बार शिकायत आने पर 15 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक का जुर्माना और लाइसेंस रद्द किए जाने तक का नियम है। सरकारी सख्ती के बावजूद ठेकेदारों पर अंकुश लगाने में असफल साबित हो रही है।
घुमारवीं के राकेश, मनोज, सुरजीत, विशाल, अंकुश, सुरजीत, सतीश, अमन, सुरेश ने बताया की घुमारवीं में स्थित शराब के ठेकों पर जहां एक बीयर पर 30 से 40 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। शराब के अन्य ब्रांड का भी यही हाल है। जहां व्हिस्की की बोतल पर 60 से 80 रुपये और वोदका की बोतल पर भी 60 से 70 रुपये ज्यादा लेकर ग्राहक की जेबों पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। इसके अलावा जितने भी अन्य ब्रांड है उन पर भी मनमाने दाम वसूल किया जा रहे हैं। हालांकि 30 फीसदी मुनाफे में भी कई झोल हैं। अगर विभाग की माने तो शराब के हर ब्रांड पर 30 फीसदी का मुनाफा नहीं लिया जा सकता है। क्योंकि सरकार द्वारा अलग-अलग ब्रांड पर 10 से लेकर 30 फीसदी तक का मुनाफा तय किया गया है। यहां भी लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है, क्योंकि लोगों को मालूम ही नहीं है कि जो शराब वह खरीद रहे हैं उस पर 10 फीसदी मुनाफा लिया जा सकता है या फिर 30 फीसदी।
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शराब के ठेकों पर केवल एमएसपी प्रिंट वाली ही शराब बेची जा सकती है। अगर किसी ठेके पर एमआरपी प्रिंट वाली शराब बेची जा रही है। इस पर भी 30 फीसदी मुनाफा लिया जा रहा है तो ऐसे सभी ठेकों का निरीक्षण कर उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
हरीश छत्ते, उप आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी विभाग बिलासपुर
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ग्राहकों की जेब पर डाला जा रहा डाका
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं में शराब के ठेकों पर एमएसपी की जगह एमआरपी प्रिंट की शराब बेचकर उस पर भी 30 फीसदी अतिरिक्त मुनाफा लिया जा रहा। सरकार की नीतियों के विपरीत ग्राहकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
सरकार की तरफ से तय नियमों के तहत शराब की हर बोतल पर एमएसपी तय की गई है। केवल एमएसपी पर ही 30 फीसदी मुनाफा ठेकेदार ले सकते हैं। लेकिन शराब कारोबारी एमआरपी की शराब बेचकर उस पर 30 फीसदी मुनाफा ग्राहकों से मांग रहे हैं। अभी भी कई शराब के ठेकों पर पुराने स्टॉक वाली एमआरपी की शराब बेची जा रही है। उस पर अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। एक तरफ सरकार ने ओवर चार्जिंग पर नीति साफ कर दी है जिस पर पहली बार शिकायत आने पर 15 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक का जुर्माना और लाइसेंस रद्द किए जाने तक का नियम है। सरकारी सख्ती के बावजूद ठेकेदारों पर अंकुश लगाने में असफल साबित हो रही है।
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घुमारवीं के राकेश, मनोज, सुरजीत, विशाल, अंकुश, सुरजीत, सतीश, अमन, सुरेश ने बताया की घुमारवीं में स्थित शराब के ठेकों पर जहां एक बीयर पर 30 से 40 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। शराब के अन्य ब्रांड का भी यही हाल है। जहां व्हिस्की की बोतल पर 60 से 80 रुपये और वोदका की बोतल पर भी 60 से 70 रुपये ज्यादा लेकर ग्राहक की जेबों पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। इसके अलावा जितने भी अन्य ब्रांड है उन पर भी मनमाने दाम वसूल किया जा रहे हैं। हालांकि 30 फीसदी मुनाफे में भी कई झोल हैं। अगर विभाग की माने तो शराब के हर ब्रांड पर 30 फीसदी का मुनाफा नहीं लिया जा सकता है। क्योंकि सरकार द्वारा अलग-अलग ब्रांड पर 10 से लेकर 30 फीसदी तक का मुनाफा तय किया गया है। यहां भी लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है, क्योंकि लोगों को मालूम ही नहीं है कि जो शराब वह खरीद रहे हैं उस पर 10 फीसदी मुनाफा लिया जा सकता है या फिर 30 फीसदी।
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शराब के ठेकों पर केवल एमएसपी प्रिंट वाली ही शराब बेची जा सकती है। अगर किसी ठेके पर एमआरपी प्रिंट वाली शराब बेची जा रही है। इस पर भी 30 फीसदी मुनाफा लिया जा रहा है तो ऐसे सभी ठेकों का निरीक्षण कर उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
हरीश छत्ते, उप आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी विभाग बिलासपुर