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लुहारवीं के प्रगतिशील किसान चैन सिंह 15 साल से कर रहे ऑर्गेनिक खेती
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किसान चैन सिंह
- फोटो : BILASPUR
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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के गांव लुहारवीं के प्रगतिशील किसान 62 वर्षीय चैन सिंह दो बीघा जमीन पर खीरा और कद्दू की फसल उगाकर अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर रहे हैं। चैन सिंह पिछले 15 साल से नकदी फसल उगाकर लाखों रुपये का कारोबार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
किसान चैन सिंह ऑर्गेनिक तरीके से खेती करते हैं। सिर्फ गोबर की खाद्य का उपयोग करते हैं। खास बात यह है कि फसल पॉलीहाउस में न उगाकर खेतों में उगाते हैं। उच्च प्रजाति के बीजों का उपयोग करते हैं। लोग खुद खेतों में ताजी सब्जियां लेने पहुंच जाते हैं। जो बच जाती हैं उन्हें स्थानीय दुकानदारों को बेच देते हैं। गत वर्ष 80 क्विंटल खीरा और 30 क्विंटल कद्दू बेचा था। इस बार भी खेतों में अच्छी फसल उगी है। दुकानदार को खीरा और कद्दू 20 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं।
किसान चैन सिंह ने कहा कि कड़ी मेहनत कर फसल तैयार की जाती है। बेशक अब परिवार संपन्न हो गया है, लेकिन नगदी फसल उगाकर मन को शांति मिलती है। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा और उसकी पत्नी जेबीटी अध्यापक हैं। छोटा बेटा सेना में है। बताया कि फसलों को बेचकर ही बच्चों को पढ़ाया है।
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किसान चैन सिंह ऑर्गेनिक तरीके से खेती करते हैं। सिर्फ गोबर की खाद्य का उपयोग करते हैं। खास बात यह है कि फसल पॉलीहाउस में न उगाकर खेतों में उगाते हैं। उच्च प्रजाति के बीजों का उपयोग करते हैं। लोग खुद खेतों में ताजी सब्जियां लेने पहुंच जाते हैं। जो बच जाती हैं उन्हें स्थानीय दुकानदारों को बेच देते हैं। गत वर्ष 80 क्विंटल खीरा और 30 क्विंटल कद्दू बेचा था। इस बार भी खेतों में अच्छी फसल उगी है। दुकानदार को खीरा और कद्दू 20 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं।
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किसान चैन सिंह ने कहा कि कड़ी मेहनत कर फसल तैयार की जाती है। बेशक अब परिवार संपन्न हो गया है, लेकिन नगदी फसल उगाकर मन को शांति मिलती है। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा और उसकी पत्नी जेबीटी अध्यापक हैं। छोटा बेटा सेना में है। बताया कि फसलों को बेचकर ही बच्चों को पढ़ाया है।

लुहारवीं गांव में आर्गेनिक तरीके से तैयार की गई खीरे की खेती। संवाद- फोटो : BILASPUR
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