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परीक्षा केंद्र निर्धारण में चूक : जेबीटी टेट में फिर से दिया दूरस्थ केंद्र

Thu, 05 Jun 2025 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 05 Jun 2025 11:26 PM IST
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Mistake in determining exam center: Remote center given again in JBT TET
छात्रा लगातार दूसरे वर्ष परीक्षा देने से रहेगी वंचित
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घुमारवीं की छात्रा को फिर मिला लाहौल-स्पीति का केंद्र
कई छात्रों को सौंपे गए सैकड़ों किलोमीटर दूर के परीक्षा स्थल
अभिभावकों ने बोर्ड से की पारदर्शी प्रणाली विकसित करने की मांग

संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जेबीटी टेट परीक्षा के परीक्षा केंद्र निर्धारण में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। तकनीकी खामियों और प्रशासनिक अनदेखी के कारण कई परीक्षार्थियों को उनके घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित केंद्र आवंटित कर दिए गए हैं। इससे न केवल उनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है, बल्कि वे परीक्षा से वंचित भी हो रहे हैं।
उपमंडल घुमारवीं की एक छात्रा लगातार दूसरे वर्ष इस लापरवाही का शिकार बनी है। छात्रा ने दोनों बार घुमारवीं को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना था, लेकिन पिछले साल की तरह इस बार भी उसे जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति भेजा गया है। पिछले वर्ष उसे काजा और इस वर्ष उदयपुर में परीक्षा केंद्र मिला है। छात्रा का कहना है कि वह हर बार फॉर्म सावधानीपूर्वक भरती है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा देने से वंचित रह जाती है। आर्थिक और भौगोलिक सीमाओं के कारण इन दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर परीक्षा देना उसके लिए नामुमकिन है। यह समस्या सिर्फ एक छात्रा तक सीमित नहीं है। एक अन्य परीक्षार्थी ने भी घुमारवीं को परीक्षा केंद्र चुना था, लेकिन उसे चंबा जिले के तीसा में परीक्षा केंद्र मिला है। सीमित संसाधनों के बीच समय पर वहां पहुंचना उनके लिए अत्यंत कठिन है। इससे साफ है कि बोर्ड द्वारा परीक्षा केंद्र निर्धारण में तकनीकी जांच और पारदर्शिता का अभाव है। एक ओर जहां राज्य सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के प्रयास कर रही है, वहीं बोर्ड की लापरवाही छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। छात्रों और अभिभावकों ने मांग की है कि बोर्ड इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करे। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तकनीकी प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाया जाए।
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कोट
छात्र सीधे कर सकते हैं संपर्क
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने बताया कि यदि किसी छात्र को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा है तो वह सीधे बोर्ड से संपर्क कर सकता है। छात्र ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से बोर्ड सचिवालय धर्मशाला को अपनी समस्या भेज सकते हैं। बोर्ड सभी शिकायतों का शीघ्र समाधान करेगा। संवाद
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