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Bilaspur News: मौजा गरा में गुमराह करने वाली रिपोर्ट, अरण्यपाल से शिकायत

Thu, 21 Nov 2024 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 21 Nov 2024 11:51 PM IST
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Misleading report in Mauza Gara, complaint to forest ranger
-खसरा नंबर 439-440 में राजस्व विभाग की रिपोर्ट में मिट्टी डंप करने की पुष्टि
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-फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने कहा, रेंज फॉरेस्ट अधिकारी स्वारघाट ने नहीं की उचित कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने अरण्यपाल मुख्यालय वन सर्कल बिलासपुर को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में खसरा नंबर 439-440 पर विरोधाभास और गुमराह करने वाली रिपोर्ट बताया गया है। आरोप है कि रेंज फॉरेस्ट अधिकारी स्वारघाट ने उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की, अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया। खसरा नंबर 439-440 पर राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में मौका रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है, जिसमें पुष्टि हुई थी कि सरकारी भूमि पर मिट्टी डंप की गई है।
समिति के महासचिव मदन लाल ने दावा किया कि खसरा नंबर 450, 451 पर भी मलबा डंप होने के प्रमाण मिले हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। मांग की है कि सभी तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। इसकी प्रतिलिपि उपायुक्त, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी और पर्यावरण अभियंता को भी भेजी गई है। मदन लाल ने कहा कि किरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण परियोजना के तहत निकले मलबे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। तहसीलदार स्वारघाट ने जून में दी अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की है कि खसरा नंबर 439, 440 पर भारी मात्रा में मलबा डंप किया गया है। तहसीलदार ने एसडीएम नयना देवी जी को जून में संबोधित पत्र क्रमांक एसडब्ल्यूजी-एसएनडी-ओके विविध/2022-3082 में स्पष्ट किया कि यह सरकारी भूमि है, जिस पर कब्जाधारी पट्टेदारों ने मलबा डंप किया है।
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पर्यावरण और राजस्व विभाग ने की पुष्टि
तहसीलदार की रिपोर्ट के अलावा, पर्यावरण अभियंता और क्षेत्रीय कार्यालय भी खसरा नंबर 451 में अवैध मलबा डंपिंग की पुष्टि कर चुके हैं। इन नंबरों पर डंपिंग में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। डेढ़ साल से इस मामले की शिकायतें लंबित हैं, लेकिन वन विभाग अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
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डीएफओ बिलासपुर की सूचना
डीएफओ बिलासपुर के कार्यालय द्वारा जन सूचना अधिकार के तहत उपलब्ध करवाई गई जानकारी के अनुसार, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर स्वारघाट ने एसडीएम नयना देवी जी को लिखे पत्र में बताया कि खसरा नंबर 439-440 पर डंपिंग हुई है। डीएफओ ने कहा कि यह भूमि सरकार हिमाचल प्रदेश की है, जिसे लीज पर दिया गया है। हालांकि, लीज धारक ने बयान दिया है कि उन्होंने इस भूमि पर मलबा डंप नहीं किया है।
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वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल
करीब डेढ़ साल से शिकायतों के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। विभाग यह स्पष्ट करने में असमर्थ है कि क्या लीज पर ली गई भूमि पर पट्टेदार मलबा डंप करवा सकते हैं। यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग न्यायालय को सही रिपोर्ट देने में कोताही बरत रहे हैं और मामलों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

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समिति की मांग
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने डीएफओ और राजस्व विभाग से मांग की है कि मलबा डंपिंग से जुड़े सभी खसरा नंबरों का संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि किसी भी देरी के लिए जिम्मेदारी विभागों की होगी।
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