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Bilaspur News: 19 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर श्री नयना देवी जा
Sat, 25 Jan 2025 11:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 25 Jan 2025 11:22 PM IST
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भ्रमण पर जाने से पहले बच्चों के साथ मंत्री राकेश धर्माणी। संवाद
-बच्चों के कल्याण के लिए काम करना सुख आश्रय योजना का उद्देश्य
-इस भ्रमण पर धार्मिक स्थलों का अनुभव करेंगे बच्चे : धर्माणी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने शनिवार को नया सवेरा दिव्यांग शिक्षा संस्थान नसवाल के 19 '' चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट'' बच्चों को एक दिवसीय भ्रमण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बच्चों को श्री नयना देवी माता जी के मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के लगभग 6000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर उनकी शिक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि सुख आश्रय योजना का उद्देश्य न केवल इन बच्चों के कल्याण के लिए काम करना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सहायता करना है। कहा कि यह भ्रमण इन बच्चों के लिए एक अनूठा अवसर होगा, जहां वे न केवल धार्मिक स्थलों का अनुभव करेंगे, बल्कि उनके मानसिक और शैक्षिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा से उन्हें सांस्कृतिक और सामाजिक जानकारियां भी मिलेगी, जो उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसमें अनाथ बच्चों के सशक्तिकरण के लिए ऐसा कानून बनाया है। सरकार की इस पहल से यह सुनिश्चित हो रहा है कि प्रदेश में कोई भी बच्चा शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
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-इस भ्रमण पर धार्मिक स्थलों का अनुभव करेंगे बच्चे : धर्माणी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने शनिवार को नया सवेरा दिव्यांग शिक्षा संस्थान नसवाल के 19 '' चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट'' बच्चों को एक दिवसीय भ्रमण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बच्चों को श्री नयना देवी माता जी के मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के लगभग 6000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर उनकी शिक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि सुख आश्रय योजना का उद्देश्य न केवल इन बच्चों के कल्याण के लिए काम करना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सहायता करना है। कहा कि यह भ्रमण इन बच्चों के लिए एक अनूठा अवसर होगा, जहां वे न केवल धार्मिक स्थलों का अनुभव करेंगे, बल्कि उनके मानसिक और शैक्षिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा से उन्हें सांस्कृतिक और सामाजिक जानकारियां भी मिलेगी, जो उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।
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उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसमें अनाथ बच्चों के सशक्तिकरण के लिए ऐसा कानून बनाया है। सरकार की इस पहल से यह सुनिश्चित हो रहा है कि प्रदेश में कोई भी बच्चा शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
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