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मछली खरीद को मिलेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य, मुख्यमंत्री से करेंगे बात: धर्माणी

Sat, 19 Jul 2025 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 19 Jul 2025 11:45 PM IST
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Minimum support price will be given for fish purchase, will talk to the Chief Minister: Dharmani
नयना देवी मंदिर को बाबा बालक नाथ मंदिर से जोड़ने के लिए केबल फेरी परियोजना प्रस्तावित
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फोरलेन किनारे मछुआरों को मिलेंगी स्थायी दुकानें, प्रोसेसिंग व मार्केटिंग पर रहेगा फोकस
-बोले, मछली के वैल्यू एडिशन, फूड प्रोसेसिंग व कोल्ड स्टोरेज का हो बेहतर उपयोग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मछुआरों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार मछली खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आवश्यक निर्णय लेंगे।
मंत्री ने कहा कि श्री नयना देवी मंदिर को बाबा बालक नाथ मंदिर से जोड़ने के लिए केबल फेरी परियोजना प्रस्तावित है, जिसके लिए प्रदेश सरकार ने डीपीआर तैयार करने को 14 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। डीपीआर तैयार होने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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शनिवार को मंत्री ने कुटबौंगड़ में कृषि उपज मंडी समिति बिलासपुर के जिला स्तरीय मत्स्य जागरूकता शिविर को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में फिश रॉयल्टी को 15 से घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया गया है, जिससे मछुआरों को सीधी राहत मिली है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए गेहूं, मक्की, हल्दी और जनजातीय क्षेत्रों में जौ पर एमएसपी तय कर किसानों को राहत दी गई है। अब मछुआरों के लिए भी यही नीति लागू की जाएगी। मंत्री ने कहा कि फोरलेन पर ओहर के समीप मत्स्य सहकारी सभाओं को पकी और कच्ची मछली बेचने के लिए स्थायी दुकानें उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही, फोरलेन किनारे उपयुक्त स्थानों पर अस्थायी स्टॉल लगाने की अनुमति भी दी जाएगी, ताकि मछुआरे पर्यटकों को सीधे मछली बेच सकें। मंत्री मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि अधिक उत्पादन के दौरान ठेकेदारों द्वारा कम दर पर खरीद की शिकायतों का समाधान किया जाए। उन्होंने मछली के वैल्यू एडिशन, फूड प्रोसेसिंग व कोल्ड स्टोरेज के बेहतर उपयोग की जरूरत बताई, ताकि मछुआरों को बेहतर दाम मिल सकें। कहा कि क्षेत्र में सोलर पावर प्रोजेक्ट की अपार संभावनाएं हैं। इच्छुक व्यक्ति भूमि उपलब्ध कराए तो सरकार हरसंभव सहयोग देगी।
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इस अवसर पर पूर्व एपीएमसी अध्यक्ष विवेक कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार सरकार मछुआरों के बीच पहुंचकर उनकी जमीनी समस्याओं को सुन रही है। को-ऑपरेटिव सोसाइटी जकातखाना के प्रधान विजयपाल नाग ने मत्स्य आवास योजना दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। साथ ही जल उपकरण खरीद के लिए दो लाख रुपये की सहायता राशि सुनिश्चित करने व एपीएमसी की ओर से बुनियादी ढांचे की सुविधाएं देने की अपील भी की। शिविर में एपीएमसी चेयरमैन सतपाल वर्धन, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, एपीएमसी सदस्य मनिंदर सिंह चंदेल, सीमा चंदेल, कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम कौशल, जिला फेडरेशन अध्यक्ष रंजीत कश्यप सहित कई सहकारी सभाओं के प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

इनसेट
बोट में बैठकर मंत्री ने जानकारी
मंत्री इस दौरान मत्स्य विभाग की बोट में कुटबौंगड़ गए। लेकिन कुटबौंगड़ से वापस जड्डू कुल्ज्यार आते समय मंत्री ने खुद बोट चलाई। उन्होंने बोट चालक से इसके बारे में जानकारी भी ली। पूछा कि बोट की स्पीड कितनी है। जिसपर चालक ने कहा कि इसकी स्पीड 30 किलोमीटर प्रति घंटा है। वहीं इस दौरान और भी बातें की, जिसपर साथ खड़े लोग मंत्री को जानकारी देते रहे।
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