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Bilaspur News: प्रवासी बिना फूड लाइसेंस के बेच रहे आइसक्रीम और बादाम शेक
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- रिहायशी कमरों में तैयार की जा रहे खाद्य पदार्थ
- विभाग की ओर से नहीं की जा रही कोई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में प्रवासी लोग बिना किसी फूड सेफ्टी लाइसेंस के आइसक्रीम सहित अन्य पेय पदार्थ बेच रहे हैं। यहां तक यह आइसक्रीम प्रवासी अपने रिहायशी कमरे में ही बिना मापदंड पूरे किए बना रहे हैं। इससे लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है।
घुमारवीं शहर सहित पूरे जिले में आइसक्रीम बेचने और बनाने का अधिकतर व्यापार प्रवासी लोग कर रहे हैं। यह प्रवासी लोग अपने किराये के छोटे कमरों में रहकर ही आइसक्रीम, बादाम शेक आदि बनाने का कार्य करते हैं। फिर उन्हें रेहड़ी लगाकर बेच रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि अधिकतर के पास आइसक्रीम बनाने और बेचने का लाइसेंस ही नहीं है। विभाग की आंखों में धूल झोंक कर छोटे-छोटे कमरों में आइसक्रीम बनाने की फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं। अनाधिकृत रूप से चल रहे आइसक्रीम के इस व्यापार में मानकों को भी दरकिनार किया जा रहा है। क्योंकि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कोई जांच नहीं की जाती है। यह सभी प्रवासी दुकानदार भी किसी पंजीकरण या फूड सेफ्टी लाइसेंस से खुद को अनजान बताते हैं, जबकि विभाग की ओर से समय-समय पर लाइसेंस बनवाने के लिए जानकारी प्रदान की जाती है। बताते चलें कि अकेले घुमारवीं शहर में ही आइसक्रीम, बादाम शेक, गोल गप्पे और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने के लिए करीब 20 से अधिक रेहडिय़ां लगाकर यह प्रवासी दुकानदार अपने काम में जुटे हैं, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है।
कोट
विभाग समय-समय पर शिविर लगाकर सभी लोगों को लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक करता है। साथ ही सभी जगह रूटीन चेकिंग भी की जाती है, लेकिन फिर भी यदि कोई बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ है बेच रहा है तो उसके के खिलाफ विभाग जल्द ही कार्रवाई करेगा। फूड सेफ्टी लाइसेंस के बिना खाद्य पदार्थ बेचने पर 2 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
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- महेश कश्यप, आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, बिलासपुर
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- विभाग की ओर से नहीं की जा रही कोई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में प्रवासी लोग बिना किसी फूड सेफ्टी लाइसेंस के आइसक्रीम सहित अन्य पेय पदार्थ बेच रहे हैं। यहां तक यह आइसक्रीम प्रवासी अपने रिहायशी कमरे में ही बिना मापदंड पूरे किए बना रहे हैं। इससे लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है।
घुमारवीं शहर सहित पूरे जिले में आइसक्रीम बेचने और बनाने का अधिकतर व्यापार प्रवासी लोग कर रहे हैं। यह प्रवासी लोग अपने किराये के छोटे कमरों में रहकर ही आइसक्रीम, बादाम शेक आदि बनाने का कार्य करते हैं। फिर उन्हें रेहड़ी लगाकर बेच रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि अधिकतर के पास आइसक्रीम बनाने और बेचने का लाइसेंस ही नहीं है। विभाग की आंखों में धूल झोंक कर छोटे-छोटे कमरों में आइसक्रीम बनाने की फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं। अनाधिकृत रूप से चल रहे आइसक्रीम के इस व्यापार में मानकों को भी दरकिनार किया जा रहा है। क्योंकि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कोई जांच नहीं की जाती है। यह सभी प्रवासी दुकानदार भी किसी पंजीकरण या फूड सेफ्टी लाइसेंस से खुद को अनजान बताते हैं, जबकि विभाग की ओर से समय-समय पर लाइसेंस बनवाने के लिए जानकारी प्रदान की जाती है। बताते चलें कि अकेले घुमारवीं शहर में ही आइसक्रीम, बादाम शेक, गोल गप्पे और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने के लिए करीब 20 से अधिक रेहडिय़ां लगाकर यह प्रवासी दुकानदार अपने काम में जुटे हैं, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है।
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कोट
विभाग समय-समय पर शिविर लगाकर सभी लोगों को लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक करता है। साथ ही सभी जगह रूटीन चेकिंग भी की जाती है, लेकिन फिर भी यदि कोई बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ है बेच रहा है तो उसके के खिलाफ विभाग जल्द ही कार्रवाई करेगा। फूड सेफ्टी लाइसेंस के बिना खाद्य पदार्थ बेचने पर 2 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
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- महेश कश्यप, आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, बिलासपुर