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जिला में अब मिड-डे-मील वर्करों के बनेंगे फूड सेफ्टी लाइसेंस
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जुखाला (बिलासपुर)। सरकारी स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने वाले एमडीएम वर्कर के अब फूड सेफ्टी लाइसेंस बनेंगे, जिससे कोई अस्वस्थ एमडीएम बच्चों को खाना न परोस सके और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग को इन खाना बनाने वालों के फूड सेफ्टी लाइसेंस बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में दोपहर का भोजन बच्चों को दिया जाता है। लेकिन अभी तक भोजन बनाने वाले वर्करों के फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं बने थे। वर्कर बिना लाइसेंस के ही स्कूली बच्चों को खाना परोस रहे थे। इसके चलते इन वर्करों के अस्वस्थ होने पर उनकी बीमारी खाना खाने वाले बच्चों को होने का खतरा बना रहता था। लेकिन, अब स्वास्थ्य विभाग ने इस के लिए सख्त रुख अपना लिया है। अब ये वर्कर स्वास्थ्य जांच के बाद ही खाना बना सकेंगे। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा सविता ठाकुर ने कहा कि एमडीएम वर्करों के फूड सेफ्टी लाइसेंस बनवाने के लिए शिक्षा विभाग को लिखा है। इसके अलावा स्कूलों के किचन में इन वर्करों को साफ-सफाई रखने की हिदायत भी दी गई है।
गौरतलब है कि जिले में 592 प्राथमिक स्कूलों के 15,627 बच्चों को और 258 अपर प्राथमिक स्कूलों के 11,090 बच्चों को 1281 एमडीएम वर्कर दोपहर का भोजन बना रहे हैं। इस पर सरकार की मंशा है कि स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध हो। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर सुदर्शन कुमार ने कहा कि एमडीएम वर्करों के फूड सेफ्टी लाइसेंस बनवाने के लिए स्कूलों को लिखा गया है।
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उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में दोपहर का भोजन बच्चों को दिया जाता है। लेकिन अभी तक भोजन बनाने वाले वर्करों के फूड सेफ्टी लाइसेंस नहीं बने थे। वर्कर बिना लाइसेंस के ही स्कूली बच्चों को खाना परोस रहे थे। इसके चलते इन वर्करों के अस्वस्थ होने पर उनकी बीमारी खाना खाने वाले बच्चों को होने का खतरा बना रहता था। लेकिन, अब स्वास्थ्य विभाग ने इस के लिए सख्त रुख अपना लिया है। अब ये वर्कर स्वास्थ्य जांच के बाद ही खाना बना सकेंगे। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा सविता ठाकुर ने कहा कि एमडीएम वर्करों के फूड सेफ्टी लाइसेंस बनवाने के लिए शिक्षा विभाग को लिखा है। इसके अलावा स्कूलों के किचन में इन वर्करों को साफ-सफाई रखने की हिदायत भी दी गई है।
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गौरतलब है कि जिले में 592 प्राथमिक स्कूलों के 15,627 बच्चों को और 258 अपर प्राथमिक स्कूलों के 11,090 बच्चों को 1281 एमडीएम वर्कर दोपहर का भोजन बना रहे हैं। इस पर सरकार की मंशा है कि स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध हो। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर सुदर्शन कुमार ने कहा कि एमडीएम वर्करों के फूड सेफ्टी लाइसेंस बनवाने के लिए स्कूलों को लिखा गया है।
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