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Bilaspur News: नयनादेवी में श्रावण अष्टमी मेलों के बाद लगाने दी जाए रेहड़ी-फड़ी
Thu, 21 Sep 2023 09:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 21 Sep 2023 09:41 AM IST
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रेहड़ी-फड़ी धारकों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्री नयनादेवी जी में रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों ने श्रावण अष्टमी मेलों के बाद फिर से रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए बुधवार को उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। श्रावण अष्टमी मेले के दौरान नगर परिषद ने रेहड़ी-फड़ी वालों को हटा दिया था।
उन्होंने बताया कि श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो इसके लिए लिए नगर परिषद ने उन्हें वहां से हटा दिया था। उन्होंने इसमें सहयोग किया और रेहड़ी-फड़ी को हटा दिया। अब नगर परिषद वहां पर रेहड़ी-फड़ी लगाने से मना कर रही है। इससे उनके रोजगार पर खतरा मंडरा गया है। 14 से 15 साल से वहां पर रेहड़ी-फड़ी लगा रहे हैं। नगर परिषद ने पहले उन्हें वहां पर रेहड़ी लगाने के लिए ऋण भी उपलब्ध कराएं हैं। अब उस ऋण को चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष और अन्य अधिकारी भी इसके लिए मना कर रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और रेहड़ी लगाने की अनुमति दें, ताकि उनका रोजगार चल सके। इस मौके पर जयपाल, शशिपाल और बद्री राम मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्री नयनादेवी जी में रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों ने श्रावण अष्टमी मेलों के बाद फिर से रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए बुधवार को उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। श्रावण अष्टमी मेले के दौरान नगर परिषद ने रेहड़ी-फड़ी वालों को हटा दिया था।
उन्होंने बताया कि श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो इसके लिए लिए नगर परिषद ने उन्हें वहां से हटा दिया था। उन्होंने इसमें सहयोग किया और रेहड़ी-फड़ी को हटा दिया। अब नगर परिषद वहां पर रेहड़ी-फड़ी लगाने से मना कर रही है। इससे उनके रोजगार पर खतरा मंडरा गया है। 14 से 15 साल से वहां पर रेहड़ी-फड़ी लगा रहे हैं। नगर परिषद ने पहले उन्हें वहां पर रेहड़ी लगाने के लिए ऋण भी उपलब्ध कराएं हैं। अब उस ऋण को चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष और अन्य अधिकारी भी इसके लिए मना कर रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और रेहड़ी लगाने की अनुमति दें, ताकि उनका रोजगार चल सके। इस मौके पर जयपाल, शशिपाल और बद्री राम मौजूद रहे।
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