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Bilaspur News: जिले के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने मंगल सिंह

Sun, 16 Jul 2023 04:22 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jul 2023 04:22 PM IST
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Mangal Singh became a source of inspiration for the farmers of the district
-श्री नयना देवी के कुटेहला गांव के रहने वाले हैं मंगल
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- प्राकृतिक खेती कर कमा रहे अच्छा खासा मुनाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। कृषि खंड श्री नयना देवी के तहत कुटेहला गांव के प्रगतिशील किसान मंगल सिंह प्राकृतिक खेती के लिए जिले के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं। मंगल सिंह पूर्ण रूप से प्राकृतिक खेती करते हैं। अपनी धर्मपत्नी के साथ बिना किसी मजदूरों की सहायता से खुद ही खेती करते हैं।

मंगल सिंह ने बताया कि वह अनाज, सब्जियां और फलों की खेती करते हैं। इसी के बल पर उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया है। इनका बेटा चंडीगढ़ से लॉ कर रहा है और बेटी बेंगलुरु में सर्विस करती है। उन्होंने बताया कि वह पहले अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग करते थे। इस कारण उनकी आंखों में जलन और रोशनी कम होने लगी थी। 2018 में शिमला से कृषि विभाग की टीम आई। उन्होंने उनसे बातचीत की और महाराष्ट्र के पुणे में 11 दिन का प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शुरू में एक बीघा खेत में प्राकृतिक खेती शुरू की पहले साल तो थोड़ी कम फसल हुई, लेकिन दूसरे साल दूसरे खेतों से अधिक फसल हुई। अब वह सभी खेतों में प्राकृतिक खेती करते हैं। उनके पास राठी नस्ल की देसी गाय है। इसी के गोबर और गोमूत्र से घन जीवामृत, जीवामृत, ब्रह्म अस्त्र, नीम अस्त्र, खट्टी लस्सी आदि बनाते हैं। इन्हीं का खेती में प्रयोग करते हैं। इससे उनकी खेतों की मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ गई है। हर साल 40 से 50 हजार कीटनाशकों पर खर्च करते थे। उसकी भी अब बचत हो रही है। हर फसल में ढाई से तीन लाख रुपये कमाते हैं। कृषि विभाग की तरफ से उन्हें देसी गाय खरीदने के लिए अनुदान भी मिला। अब उनका खेती पर कोई भी खर्च नहीं होता है। उन्होंने अपने खेतों में तिल, मक्की, सोयाबीन उड़द की मिश्रित खेती कर रखी है। इसके अलावा बगीचे में आम, लीची, मौसम्मी और अनार लगा रखे हैं। वह इसके लिए आत्मा प्रोजेक्ट के उपनिदेशक रितेश गुप्ता और अन्य विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को अहम मानते हैं। आत्मा प्रोजेक्ट के उपनिदेशक रितेश गुप्ता ने बताया कि मंगल सिंह पूर्ण रूप से प्राकृतिक खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और जिले के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
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