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Bilaspur News: चिट्टा तस्करी का मुख्य सप्लायर रोपड़ से गिरफ्तार
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पहले से पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर बिलासपुर पुलिस ने की कार्रवाई
बिलासपुर-मंडी में करता था चिट्टे की सप्लाई
बैकवर्ड लिंकेज से तस्करी नेटवर्क की कड़ी जोड़ रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चिट्टा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले की जांच में बैकवर्ड लिंकेज जोड़ते हुए कथित मुख्य तस्कर मलकीयत सिंह उर्फ मल्ली (38) निवासी मौड़ा, डाकघर मिस्सेवाल, तहसील आनंदपुर साहिब को रोपड़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी बिलासपुर और मंडी क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई करता था। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई 21 अगस्त को सामने आए चिट्टा तस्करी के मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए की गई। जिला पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम फोरलेन पर गश्त और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक बाइक को जांच के लिए रोका। बाइक सवार अमन और अरुण की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 14.50 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इस संबंध में दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से नशे की सप्लाई की अगली कड़ी तलाशनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मलकीयत सिंह उर्फ मल्ली की संलिप्तता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने पंजाब के रोपड़ में दबिश देकर आठ सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बिलासपुर और मंडी क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई से जुड़े होने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और नशीले पदार्थ की आपूर्ति का मूल स्रोत कहां है।
बिलासपुर कोर्ट परिसर के बाहर गोलीकांड में भी आया था नाम
मलकीयत सिंह का नाम 20 जून 2024 को बिलासपुर कोर्ट परिसर के बाहर हुए गोलीकांड के मामले में भी सामने आया था। इस संबंध में थाना सदर में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके पुराने आपराधिक मामलों और मौजूदा नशा तस्करी नेटवर्क के बीच संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।
हिमाचल और पंजाब में दर्ज हैं कई मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मलकीयत सिंह के खिलाफ हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग समय पर कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। इनमें मारपीट, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आपराधिक षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार थाना कीरतपुर साहिब में वर्ष 2012 में हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा नालागढ़, आनंदपुर साहिब, कोट कहलूर और स्वारघाट थानों में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं। वर्ष 2014 में थाना कोट कहलूर में दर्ज मामले में हत्या के प्रयास के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं। वहीं, वर्ष 2017 में थाना कीरतपुर साहिब में डकैती की तैयारी और अवैध हथियार से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2020 में थाना नालागढ़ में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
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कोट
बिलासपुर पुलिस नशा तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंकेज इन्वेस्टिगेशन को प्राथमिकता दे रही है। कार्रवाई को केवल नशे के साथ पकड़े गए व्यक्ति तक सीमित रखने के बजाय नशीले पदार्थ की सप्लाई करने वाले मुख्य स्रोत और पूरे नेटवर्क की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में भी सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नशीले पदार्थ के स्रोत का पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
-अभिषेक धीमान, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर
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बिलासपुर-मंडी में करता था चिट्टे की सप्लाई
बैकवर्ड लिंकेज से तस्करी नेटवर्क की कड़ी जोड़ रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चिट्टा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले की जांच में बैकवर्ड लिंकेज जोड़ते हुए कथित मुख्य तस्कर मलकीयत सिंह उर्फ मल्ली (38) निवासी मौड़ा, डाकघर मिस्सेवाल, तहसील आनंदपुर साहिब को रोपड़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी बिलासपुर और मंडी क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई करता था। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई 21 अगस्त को सामने आए चिट्टा तस्करी के मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए की गई। जिला पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम फोरलेन पर गश्त और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक बाइक को जांच के लिए रोका। बाइक सवार अमन और अरुण की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 14.50 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इस संबंध में दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से नशे की सप्लाई की अगली कड़ी तलाशनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मलकीयत सिंह उर्फ मल्ली की संलिप्तता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने पंजाब के रोपड़ में दबिश देकर आठ सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बिलासपुर और मंडी क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई से जुड़े होने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और नशीले पदार्थ की आपूर्ति का मूल स्रोत कहां है।
बिलासपुर कोर्ट परिसर के बाहर गोलीकांड में भी आया था नाम
मलकीयत सिंह का नाम 20 जून 2024 को बिलासपुर कोर्ट परिसर के बाहर हुए गोलीकांड के मामले में भी सामने आया था। इस संबंध में थाना सदर में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके पुराने आपराधिक मामलों और मौजूदा नशा तस्करी नेटवर्क के बीच संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।
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हिमाचल और पंजाब में दर्ज हैं कई मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मलकीयत सिंह के खिलाफ हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग समय पर कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। इनमें मारपीट, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आपराधिक षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार थाना कीरतपुर साहिब में वर्ष 2012 में हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा नालागढ़, आनंदपुर साहिब, कोट कहलूर और स्वारघाट थानों में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं। वर्ष 2014 में थाना कोट कहलूर में दर्ज मामले में हत्या के प्रयास के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं। वहीं, वर्ष 2017 में थाना कीरतपुर साहिब में डकैती की तैयारी और अवैध हथियार से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2020 में थाना नालागढ़ में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
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बिलासपुर पुलिस नशा तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंकेज इन्वेस्टिगेशन को प्राथमिकता दे रही है। कार्रवाई को केवल नशे के साथ पकड़े गए व्यक्ति तक सीमित रखने के बजाय नशीले पदार्थ की सप्लाई करने वाले मुख्य स्रोत और पूरे नेटवर्क की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में भी सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नशीले पदार्थ के स्रोत का पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
-अभिषेक धीमान, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर