फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Mahseer fish seed collection in Gobind Sagar will boost angling tourism

Bilaspur News: गोबिंद सागर में महाशीर मछली बीज संग्रहण से बढ़ेगा एंगलिंग पर्यटन

Fri, 10 Oct 2025 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 10 Oct 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
Mahseer fish seed collection in Gobind Sagar will boost angling tourism
जकातखाना में मछली का बीज डालते कर्मचारी। स्रोत: जनसंपर्क विभाग
मछुआरों की आय बढ़ाने और जैव विविधता के संरक्षण में मिलेगा योगदान
विज्ञापन

प्रदेश के जलाशयों में मत्स्य उत्पादन बढ़ाकर पर्यटन को सशक्त करने में होगा सहायक

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर जलाशय में एंगलिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग ने 12,000 नंचर महाशीर मछली बीज का सफलतापूर्वक संग्रहण किया है। यह बीज मंडी जिले के मध्याल स्थित प्रदेश के एकमात्र महाशीर मछली प्रजनन केंद्र में तैयार किया गया था, जहां इस वर्ष 50 हजार से अधिक फिंगरलिंग्स का उत्पादन हुआ। संग्रहण कार्यक्रम विभाग के निदेशक एवं प्रभारी विवेक चंदेल के निर्देशानुसार जकातखाना में आयोजित किया गया। महाशीर मछली हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय जलाशयों और नदियों की पारिस्थितिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है, जिनमें जलाशयों में बीज संग्रहण प्रमुख है। सहायक निदेशक मत्स्य पंकज ठाकुर ने बताया कि महाशीर मछली का संरक्षण विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है, क्योंकि यह न केवल जैव विविधता के लिए आवश्यक है, बल्कि मछुआरों की आय बढ़ाने का भी सशक्त माध्यम है। पिछले वर्ष गोबिंद सागर जलाशय में माठ्याल फिश फार्म से 13,520 महाशीर मछली बीज संग्रहित किए गए थे, जो इस दिशा में निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। विभाग राज्य के सभी प्रमुख जलाशयों में नियमित रूप से मछली बीज संग्रहण कर रहा है, ताकि मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सके और मछुआरों की आजीविका में सुधार आए। महाशीर मछली को एंगलिंग के लिए प्राथमिकता दी जाती है, और इस पहल से गोबिंद सागर जलाशय में एंगलिंग पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। इस अवसर पर मत्स्य संरक्षण अधिकारी अजय कुमार, मत्स्य अधिकारी जकातखाना सुरम सिंह सहित मत्स्य सहकारी सभाओं के प्रतिनिधि और स्थानीय मछुआरे उपस्थित रहे। सहायक निदेशक पंकज ठाकुर ने कहा कि विभाग का उद्देश्य राज्य के जलाशयों में मत्स्य उत्पादन बढ़ाकर मछुआरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और सतत मत्स्य प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed