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Bilaspur News: ज्योरीपतन में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
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- लायुल ट्राइबल वेलफेयर एसोसिएशन ने आयोजित किया शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लायुल ट्राइबल वेलफेयर एसोसिएशन और स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर ने ज्योरीपतन में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। परियोजना प्रबंधक राजेश शर्मा ने बताया कि यह शिविर लोगों को घर द्वार पर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया है।
उसके बाद उन्होंने लोगों को एचआईवी/एड्स, टीबी संक्रमण के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने लोगों को हेपेटाइटिस के बारे में बताया। हेपेटाइटिस मूल रूप से लीवर से जुड़ी बीमारी है, जो वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। इस बीमारी में लीवर में सूजन आ जाती है। हेपेटाइटिस ए,बी,सी, डी और ई प्रकार का होता है। इन पांच वायरस को गंभीरता से लेना चाहिए। हर साल इसकी वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। परामर्शदाता पृथ्वी सिंह पठानिया ने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में सभी को बताया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे के गर्त में धंसती जा रही है। इसका एकमात्र कारण युवाओं को सही जानकारी सही समय पर नहीं मिलना है। युवा शराब, गुटका, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट का नशा करते हैं। उनकी पार्टी नशे के बगैर अधूरी है। उन्होंने कहा कि लायुल ट्राइबल वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति शिमला के सहयोग से बिलासपुर में नशे के प्रति युवाओं को जागरूक करने का कार्य कर रही है। ताकि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को नशे के अंधकार से मुक्त किया जा सके। इस शिविर में परियोजना से घनश्याम, रीना और पूनम शर्मा उपस्थित रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लायुल ट्राइबल वेलफेयर एसोसिएशन और स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर ने ज्योरीपतन में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। परियोजना प्रबंधक राजेश शर्मा ने बताया कि यह शिविर लोगों को घर द्वार पर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया है।
उसके बाद उन्होंने लोगों को एचआईवी/एड्स, टीबी संक्रमण के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने लोगों को हेपेटाइटिस के बारे में बताया। हेपेटाइटिस मूल रूप से लीवर से जुड़ी बीमारी है, जो वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। इस बीमारी में लीवर में सूजन आ जाती है। हेपेटाइटिस ए,बी,सी, डी और ई प्रकार का होता है। इन पांच वायरस को गंभीरता से लेना चाहिए। हर साल इसकी वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। परामर्शदाता पृथ्वी सिंह पठानिया ने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में सभी को बताया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे के गर्त में धंसती जा रही है। इसका एकमात्र कारण युवाओं को सही जानकारी सही समय पर नहीं मिलना है। युवा शराब, गुटका, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट का नशा करते हैं। उनकी पार्टी नशे के बगैर अधूरी है। उन्होंने कहा कि लायुल ट्राइबल वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति शिमला के सहयोग से बिलासपुर में नशे के प्रति युवाओं को जागरूक करने का कार्य कर रही है। ताकि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को नशे के अंधकार से मुक्त किया जा सके। इस शिविर में परियोजना से घनश्याम, रीना और पूनम शर्मा उपस्थित रहीं।
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