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Bilaspur News: लंझता में लीची की बहार, एचपी शिवा परियोजना से बदली 54 किसानों की तकदीर
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प्रकाश चंद
13.5 हेक्टेयर में लगाए गए है 10 हजार से अधिक पौधे, वर्षों की मेहनत के बाद अब आने लगे फल
आधुनिक तकनीक और सिंचाई सुविधाओं से किसानों राह हुई आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत लंझता में एचपी शिवा परियोजना किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया आधार बन रही है। कुछ वर्ष पहले तक जहां किसान पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, वहीं अब गांव लीची उत्पादन के उभरते केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। परियोजना के तहत लगाए गए हजारों पौधों पर अब फल आने शुरू हो गए हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।
वर्ष 2019-20 में लंझता पंचायत को एचपी शिवा परियोजना के तहत फ्रंट लाइन डेमोस्ट्रेशन (एफएलडी) के लिए चुना गया था। शुरुआती चरण में 500 लीची के पौधे लगाए गए। परियोजना की सफलता के बाद वर्ष 2020-21 और 2021-22 में 9,505 अतिरिक्त पौधे रोपे गए। वर्तमान में 13.5 हेक्टेयर क्षेत्र में 54 किसान 10 हजार से अधिक लीची के पौधों की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल कर रहे हैं। परियोजना के तहत सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण टैंक और 20-20 हजार लीटर क्षमता के सात अन्य टैंक बनाए गए हैं। इसके अलावा बागवानी विभाग किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहा है। इससे पौधों की बेहतर देखभाल और विकास सुनिश्चित हुआ है। किसानों के अनुसार पिछले वर्ष इस क्लस्टर से 12 से 15 क्विंटल लीची का उत्पादन हुआ था, लेकिन इस बार प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन घटकर चार से पांच क्विंटल रह गया। हालांकि किसानों का कहना है कि पौधों के पूरी तरह विकसित होने के साथ आने वाले वर्षों में उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
लंझता के किसान ने लगाए 850 लीची के पौधे
लंझता के किसान प्रकाश चंद ने बताया कि उन्होंने अपनी भूमि में 850 लीची के पौधे लगाए हैं। अब पौधों पर फल आने लगे हैं, जिससे भविष्य में यह उनकी आय का प्रमुख स्रोत बनने की उम्मीद है।
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पिछले वर्ष से मिलने लगे अच्छी गुणवत्ता के फल
लाभार्थी लता देवी ने बताया कि उन्होंने 834 पौधे लगाए हैं और पिछले वर्ष से अच्छी गुणवत्ता के फल मिलने शुरू हो गए हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक फलोत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए भी आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।
विभाग किसानों दे रहा प्रशिक्षण
विषयवाद विशेषज्ञ अभिषेक वशिष्ठ ने बताया कि लंझता में पहले चरण में एफएलडी और दूसरे चरण में पीआरएफ क्लस्टर विकसित किया गया है। यहां उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) पद्धति से पौधरोपण किया गया है, जिससे सीमित भूमि पर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। विभाग किसानों को नियमित तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है।
कोट
एचपी शिवा परियोजना ने साबित किया है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, आधुनिक तकनीक और किसानों की मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
राहुल कुमार,उपायुक्त,बिलासपुर
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आधुनिक तकनीक और सिंचाई सुविधाओं से किसानों राह हुई आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत लंझता में एचपी शिवा परियोजना किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया आधार बन रही है। कुछ वर्ष पहले तक जहां किसान पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, वहीं अब गांव लीची उत्पादन के उभरते केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। परियोजना के तहत लगाए गए हजारों पौधों पर अब फल आने शुरू हो गए हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।
वर्ष 2019-20 में लंझता पंचायत को एचपी शिवा परियोजना के तहत फ्रंट लाइन डेमोस्ट्रेशन (एफएलडी) के लिए चुना गया था। शुरुआती चरण में 500 लीची के पौधे लगाए गए। परियोजना की सफलता के बाद वर्ष 2020-21 और 2021-22 में 9,505 अतिरिक्त पौधे रोपे गए। वर्तमान में 13.5 हेक्टेयर क्षेत्र में 54 किसान 10 हजार से अधिक लीची के पौधों की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल कर रहे हैं। परियोजना के तहत सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण टैंक और 20-20 हजार लीटर क्षमता के सात अन्य टैंक बनाए गए हैं। इसके अलावा बागवानी विभाग किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहा है। इससे पौधों की बेहतर देखभाल और विकास सुनिश्चित हुआ है। किसानों के अनुसार पिछले वर्ष इस क्लस्टर से 12 से 15 क्विंटल लीची का उत्पादन हुआ था, लेकिन इस बार प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन घटकर चार से पांच क्विंटल रह गया। हालांकि किसानों का कहना है कि पौधों के पूरी तरह विकसित होने के साथ आने वाले वर्षों में उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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लंझता के किसान ने लगाए 850 लीची के पौधे
लंझता के किसान प्रकाश चंद ने बताया कि उन्होंने अपनी भूमि में 850 लीची के पौधे लगाए हैं। अब पौधों पर फल आने लगे हैं, जिससे भविष्य में यह उनकी आय का प्रमुख स्रोत बनने की उम्मीद है।
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पिछले वर्ष से मिलने लगे अच्छी गुणवत्ता के फल
लाभार्थी लता देवी ने बताया कि उन्होंने 834 पौधे लगाए हैं और पिछले वर्ष से अच्छी गुणवत्ता के फल मिलने शुरू हो गए हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक फलोत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए भी आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।
विभाग किसानों दे रहा प्रशिक्षण
विषयवाद विशेषज्ञ अभिषेक वशिष्ठ ने बताया कि लंझता में पहले चरण में एफएलडी और दूसरे चरण में पीआरएफ क्लस्टर विकसित किया गया है। यहां उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) पद्धति से पौधरोपण किया गया है, जिससे सीमित भूमि पर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। विभाग किसानों को नियमित तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है।
कोट
एचपी शिवा परियोजना ने साबित किया है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, आधुनिक तकनीक और किसानों की मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
राहुल कुमार,उपायुक्त,बिलासपुर

प्रकाश चंद

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