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भागवत कथा सुनना आत्मशुद्धि, जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम : श्री शैल
Sun, 10 Aug 2025 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:49 PM IST
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रानीकोटला में श्रीमद भागवत कथा का वाचन करते हुए कथावाचक। स्रोत: जागरूक पाठक।
-रानीकोटला में गो सेवा यज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। रानीकोटला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन रविवार को हुआ। इससे पहले सुबह विशेष पूजा-अर्चना और गो सेवा यज्ञ का आयोजन किया गया।
कथावाचक श्री शैल जी महाराज ने श्री कृष्ण के जीवन चरित्र, उनके उपदेश और धर्म रक्षा के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने श्री कृष्ण लीला के प्रसंगों के साथ समाज में उनके संदेशों के महत्व को भी सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि गो हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसके संरक्षण से न केवल धर्म की रक्षा होती है, बल्कि पर्यावरण और कृषि को भी बल मिलता है। उन्होंने लोगों से गो पालन को प्रोत्साहित करने और गोशालाओं को सहयोग देने की अपील की। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भक्तों ने श्री कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी। यज्ञ में आहुति देने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। सभी ने कथा और यज्ञ का लाभ प्राप्त कर गो सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लिया। गो सेवा समिति के प्रधान बाबू राम ने कहा कि भागवत कथा का आयोजन करना लोगों को गो सदन के साथ अधिक से अधिक जोड़ना है। इस अवसर पर रानी कोटला यूनियन के प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर, बीडीटीएस बरमाणा के प्रधान नीलम चंदेल, बिलासपुर जेपी उद्योग विस्थापित एवं प्रभावित खारसी सभा के प्रधान महेंद्र ठाकुर, महासचिव दौलत सिंह ठाकुर, ऋषि मार्कंडेय भूत पूर्वक समिति के अध्यक्ष कैप्टन सुरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। रानीकोटला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन रविवार को हुआ। इससे पहले सुबह विशेष पूजा-अर्चना और गो सेवा यज्ञ का आयोजन किया गया।
कथावाचक श्री शैल जी महाराज ने श्री कृष्ण के जीवन चरित्र, उनके उपदेश और धर्म रक्षा के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने श्री कृष्ण लीला के प्रसंगों के साथ समाज में उनके संदेशों के महत्व को भी सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि गो हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसके संरक्षण से न केवल धर्म की रक्षा होती है, बल्कि पर्यावरण और कृषि को भी बल मिलता है। उन्होंने लोगों से गो पालन को प्रोत्साहित करने और गोशालाओं को सहयोग देने की अपील की। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भक्तों ने श्री कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी। यज्ञ में आहुति देने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। सभी ने कथा और यज्ञ का लाभ प्राप्त कर गो सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लिया। गो सेवा समिति के प्रधान बाबू राम ने कहा कि भागवत कथा का आयोजन करना लोगों को गो सदन के साथ अधिक से अधिक जोड़ना है। इस अवसर पर रानी कोटला यूनियन के प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर, बीडीटीएस बरमाणा के प्रधान नीलम चंदेल, बिलासपुर जेपी उद्योग विस्थापित एवं प्रभावित खारसी सभा के प्रधान महेंद्र ठाकुर, महासचिव दौलत सिंह ठाकुर, ऋषि मार्कंडेय भूत पूर्वक समिति के अध्यक्ष कैप्टन सुरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
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