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कुष्ठ रोग कोई दैवीय प्रकोप नहीं : विजय
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- बाड़णू दिग्थली में जागरूकता शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सदर खंड की ओर से ग्राम पंचायत बाड़णू दिग्थली में स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान के तहत कुष्ठ रोग निवारण पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता उप प्रधान राकेश शर्मा ने की।
शिविर में स्वास्थ्य शिक्षक विजय शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने लोगों को बताया कि कुष्ठ रोग एक जीर्ण संक्रमण रोग है। इससे त्वचा, श्वसन तंत्र, आंखों और तंत्रिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह बीमारी मायकोबैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु के कारण होती है। यह कोई दैवीय प्रकोप नहीं है। चेहरे या कान के आसपास गांठें या सूजन, त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे, मांसपेशी में कमजोरी, आंखों की समस्याएं, हथेली और तलवों पर सुन्नपन होना कुष्ठ रोग के लक्षण हैं। यह रोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और उसके साथ लंबे समय तक संपर्क में रहने से फैलता है। कुष्ठ रोगी 9 महीने से 18 महीने दवाई लेने पर बिल्कुल ठीक हो जाता है। उन्होंने नशे से बचाव, गैर संचारी रोग और टीबी मुक्त पंचायत के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बाड़णू की सीएचओ मधुबाला ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि गैर संचारी रोगों के लिए ग्रामीण स्तर पर जब शिविर आयोजित किए जाते हैं तो उनमें लोगों को लाने में आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सभी जनप्रतिनिधि, आशा वर्कर लता, जयमाला, रजनी, निर्मला और अन्य लोग उपस्थित रहे।
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जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सदर खंड की ओर से ग्राम पंचायत बाड़णू दिग्थली में स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान के तहत कुष्ठ रोग निवारण पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता उप प्रधान राकेश शर्मा ने की।
शिविर में स्वास्थ्य शिक्षक विजय शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने लोगों को बताया कि कुष्ठ रोग एक जीर्ण संक्रमण रोग है। इससे त्वचा, श्वसन तंत्र, आंखों और तंत्रिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह बीमारी मायकोबैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु के कारण होती है। यह कोई दैवीय प्रकोप नहीं है। चेहरे या कान के आसपास गांठें या सूजन, त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे, मांसपेशी में कमजोरी, आंखों की समस्याएं, हथेली और तलवों पर सुन्नपन होना कुष्ठ रोग के लक्षण हैं। यह रोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और उसके साथ लंबे समय तक संपर्क में रहने से फैलता है। कुष्ठ रोगी 9 महीने से 18 महीने दवाई लेने पर बिल्कुल ठीक हो जाता है। उन्होंने नशे से बचाव, गैर संचारी रोग और टीबी मुक्त पंचायत के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बाड़णू की सीएचओ मधुबाला ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि गैर संचारी रोगों के लिए ग्रामीण स्तर पर जब शिविर आयोजित किए जाते हैं तो उनमें लोगों को लाने में आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सभी जनप्रतिनिधि, आशा वर्कर लता, जयमाला, रजनी, निर्मला और अन्य लोग उपस्थित रहे।
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