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कुपोषित व्यक्तियों में क्षयरोग के फैलने की संभावना अधिक
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कुपोषित व्यक्तियों में क्षयरोग के फैलने की ज्यादा संभावना
रिजनल आयुर्वेदिक अस्पताल बिलासपुर और आयुर्वेदिक अस्पताल कंदरौर में नए बलगम के जांच केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि क्षय रोग एक संक्रामक रोग है। यह माइक्रो बैकटीरीयम ट्युबरक्यूलोसिस नामक जीवाणु से संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने पर हवा से फैलता है। कुपोषित व्यक्तियों में इसके फैलने की संभावना अधिक होती है। इससे बचने लिए खांसने व छींकती बार मुंह को कपड़े या रूमाल टिशु पेपर से अवश्य ढकें। थूकें नहीं, अपने बच्चे को बीसीजी का टीका लगवाएं, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। क्षय रोग के संभावित लक्षणों में अगर किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह या इससे अधिक दिन की खांसी हो, हल्का बुखार, भूख कम होना, रात को पसीना आना, गर्दन में गिल्टी होना और वजन का लगातार कम होना और बलगम में खून आना है। ऐसा होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर जांच करवाएं। इसके लिए रोगी को चिकित्सक के परामर्श के अनुसार डॉट्स का पूरा कोर्स करना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में बलगम के नमूनों की जांच 15 स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही है। रिजनल आयुर्वेदिक अस्पताल बिलासपुर और आयुर्वेदिक अस्पताल कंदरौर में नए बलगम के जांच केंद्र बनाए गए हैं और कोई भी आदमी अपने बलगम की जांच करवा सकता है। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों में अत्याधुनिक तकनीक वाले माइक्रोस्कोप स्थापित किए गए हैं। उन्होंने आम जनता से अनुरोध किया है कि प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए सहयोग करें और मुफ्त इलाज पाएं तथा अपने आप को स्वस्थ बनाए।
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रिजनल आयुर्वेदिक अस्पताल बिलासपुर और आयुर्वेदिक अस्पताल कंदरौर में नए बलगम के जांच केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि क्षय रोग एक संक्रामक रोग है। यह माइक्रो बैकटीरीयम ट्युबरक्यूलोसिस नामक जीवाणु से संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने पर हवा से फैलता है। कुपोषित व्यक्तियों में इसके फैलने की संभावना अधिक होती है। इससे बचने लिए खांसने व छींकती बार मुंह को कपड़े या रूमाल टिशु पेपर से अवश्य ढकें। थूकें नहीं, अपने बच्चे को बीसीजी का टीका लगवाएं, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। क्षय रोग के संभावित लक्षणों में अगर किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह या इससे अधिक दिन की खांसी हो, हल्का बुखार, भूख कम होना, रात को पसीना आना, गर्दन में गिल्टी होना और वजन का लगातार कम होना और बलगम में खून आना है। ऐसा होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर जांच करवाएं। इसके लिए रोगी को चिकित्सक के परामर्श के अनुसार डॉट्स का पूरा कोर्स करना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में बलगम के नमूनों की जांच 15 स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही है। रिजनल आयुर्वेदिक अस्पताल बिलासपुर और आयुर्वेदिक अस्पताल कंदरौर में नए बलगम के जांच केंद्र बनाए गए हैं और कोई भी आदमी अपने बलगम की जांच करवा सकता है। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों में अत्याधुनिक तकनीक वाले माइक्रोस्कोप स्थापित किए गए हैं। उन्होंने आम जनता से अनुरोध किया है कि प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए सहयोग करें और मुफ्त इलाज पाएं तथा अपने आप को स्वस्थ बनाए।
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