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Bilaspur News: घुमारवीं अस्पताल में बड़ी एक्सरे मशीन लंबे समय से खराब
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घुमारवीं अस्पताल
हड्डी और पेट रोग संबंधी जांच के लिए निजी क्लीनिकों का लेना पड़ रहा सहारा
500 से 600 रुपये तक अतिरिक्त खर्च, अस्पताल प्रशासन ने जल्द मरम्मत का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में बड़ी एक्सरे मशीन लंबे समय से खराब होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सामान्य एक्सरे की सुविधा तो जारी है, लेकिन बड़े आकार के एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर हड्डी रोगियों के अलावा उन मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें पेट या अन्य विशेष जांच के लिए बड़े एक्सरे की आवश्यकता होती है।
बड़ी एक्सरे मशीन काफी पुरानी हो चुकी है। तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से पूरी तरह काम नहीं कर रही है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के बाद बड़े एक्सरे की मांग बढ़ी, लेकिन मशीन खराब होने से मरीजों को सरकारी अस्पताल में यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते चिकित्सकों को भी कई मामलों में मरीजों को निजी केंद्रों से एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं।
स्त्री रोग विभाग में उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को भी यदि चिकित्सक पेट का एक्सरे लिखते हैं, तो अस्पताल में यह जांच नहीं हो पाती। मशीन बंद होने के कारण उन्हें बाहर से एक्सरे करवाने के लिए कहा जाता है। इससे महिलाओं सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ रहा है।
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निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में बड़े एक्सरे के लिए मरीजों से 500 से 600 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उठाना पड़ेगा।
एक्सरे मशीन में तकनीकी खराबी आई है। इसके लिए टेक्नीशियन को बुलाया गया है। जल्दी ही इसे ठीक है करवाया जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए इसके लिए फिलहाल अस्पताल में एक पोर्टेबल एक्सरे मशीन है उस मरीज के एक्सरे किए जा रहे हैं।
डॉ. अनुपम शर्मा, बीएमओ, घुमारवीं
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500 से 600 रुपये तक अतिरिक्त खर्च, अस्पताल प्रशासन ने जल्द मरम्मत का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में बड़ी एक्सरे मशीन लंबे समय से खराब होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सामान्य एक्सरे की सुविधा तो जारी है, लेकिन बड़े आकार के एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर हड्डी रोगियों के अलावा उन मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें पेट या अन्य विशेष जांच के लिए बड़े एक्सरे की आवश्यकता होती है।
बड़ी एक्सरे मशीन काफी पुरानी हो चुकी है। तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से पूरी तरह काम नहीं कर रही है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के बाद बड़े एक्सरे की मांग बढ़ी, लेकिन मशीन खराब होने से मरीजों को सरकारी अस्पताल में यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते चिकित्सकों को भी कई मामलों में मरीजों को निजी केंद्रों से एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं।
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स्त्री रोग विभाग में उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को भी यदि चिकित्सक पेट का एक्सरे लिखते हैं, तो अस्पताल में यह जांच नहीं हो पाती। मशीन बंद होने के कारण उन्हें बाहर से एक्सरे करवाने के लिए कहा जाता है। इससे महिलाओं सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ रहा है।
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निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में बड़े एक्सरे के लिए मरीजों से 500 से 600 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उठाना पड़ेगा।
एक्सरे मशीन में तकनीकी खराबी आई है। इसके लिए टेक्नीशियन को बुलाया गया है। जल्दी ही इसे ठीक है करवाया जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए इसके लिए फिलहाल अस्पताल में एक पोर्टेबल एक्सरे मशीन है उस मरीज के एक्सरे किए जा रहे हैं।
डॉ. अनुपम शर्मा, बीएमओ, घुमारवीं