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Bilaspur News: ड्यूटी रोस्टर और वास्तविक व्यवस्था के बीच तालमेल की कमी, हो रही परेशानी
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घुमारवीं अस्पताल। संवाद
घुमारवीं अस्पताल में ओपीडी में तैनाती देख ओपीडी पहुंचे मरीज, चिकित्सक आपातकालीन कक्ष में
लोगों की मांग, रोस्टर में बदलाव होने पर सार्वजनिक की जाए सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में इन दिनों ड्यूटी रोस्टर और वास्तविक व्यवस्था के बीच तालमेल की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रतिदिन डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर तैयार कर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज और अन्य माध्यमों से सार्वजनिक किया जाता है, ताकि मरीज उसी अनुसार अपनी जांच व परामर्श के लिए अस्पताल पहुंच सकें, लेकिन कई बार अस्पताल पहुंचने पर स्थिति रोस्टर से अलग पाई जाती है।
मरीजों का कहना है कि वे अस्पताल द्वारा जारी ड्यूटी सूची को देखकर यह सुनिश्चित करते हैं कि संबंधित चिकित्सक की ओपीडी में ड्यूटी है या नहीं। इसी आधार पर वे नई पर्ची बनवाकर चेकअप करवाने की उम्मीद से अस्पताल पहुंचते हैं। परंतु मौके पर पता चलता है कि संबंधित डॉक्टर ओपीडी में न बैठकर आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी दे रहे हैं और नए मरीजों को नहीं देख पा रहे।
ऐसे में मरीजों को यह कहकर मना कर दिया जाता है कि डॉक्टर केवल पुराने मरीजों या आपातकालीन मामलों को ही देखेंगे। बुधवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया जब लोग एमडी मेडिसिन की ओपीडी ड्यूटी देखकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर बताया गया कि संबंधित चिकित्सक इमरजेंसी में तैनात हैं जबकि रोस्टर में उनकी ड्यूटी ओपीडी में दर्शाई गई थी।
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जानकारी के अनुसार, शाम को जारी किए जाने वाले रोस्टर में ड्यूटियां निर्धारित कर दी जाती हैं, लेकिन सुबह कई बार चिकित्सक आपस में ड्यूटी बदल लेते हैं। ओपीडी में तैनात डॉक्टर आपातकालीन कक्ष में बैठ जाते हैं और आपातकालीन कक्ष में नियुक्त डॉक्टर ओपीडी संभाल लेते हैं। इस बदलाव की सूचना न तो सोशल मीडिया पर अपडेट की जाती है और न ही अस्पताल परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाती है, जिससे मरीज असमंजस की स्थिति में पड़ जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल स्वयं ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक करता है तो उसमें पारदर्शिता और स्थिरता भी होनी चाहिए। बार-बार ड्यूटी बदलने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निराशा झेलनी पड़ती है। कई मरीजों को बिना जांच कराए वापस लौटना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। लोगों ने मांग की है कि रोस्टर में यदि कोई बदलाव किया जाए तो उसकी तत्काल सूचना सार्वजनिक की जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
कोट
ऐसी कोई भी जानकारी नहीं है कि चिकित्सक आपस में ड्यूटी बदल रहे हैं। यदि ऐसा किया जा रहा है तो यह उचित नहीं है। डॉक्टरों को जारी रोस्टर के अनुसार ही अपनी ड्यूटी करनी होगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। यदि कहीं से इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
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लोगों की मांग, रोस्टर में बदलाव होने पर सार्वजनिक की जाए सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में इन दिनों ड्यूटी रोस्टर और वास्तविक व्यवस्था के बीच तालमेल की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रतिदिन डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर तैयार कर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज और अन्य माध्यमों से सार्वजनिक किया जाता है, ताकि मरीज उसी अनुसार अपनी जांच व परामर्श के लिए अस्पताल पहुंच सकें, लेकिन कई बार अस्पताल पहुंचने पर स्थिति रोस्टर से अलग पाई जाती है।
मरीजों का कहना है कि वे अस्पताल द्वारा जारी ड्यूटी सूची को देखकर यह सुनिश्चित करते हैं कि संबंधित चिकित्सक की ओपीडी में ड्यूटी है या नहीं। इसी आधार पर वे नई पर्ची बनवाकर चेकअप करवाने की उम्मीद से अस्पताल पहुंचते हैं। परंतु मौके पर पता चलता है कि संबंधित डॉक्टर ओपीडी में न बैठकर आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी दे रहे हैं और नए मरीजों को नहीं देख पा रहे।
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ऐसे में मरीजों को यह कहकर मना कर दिया जाता है कि डॉक्टर केवल पुराने मरीजों या आपातकालीन मामलों को ही देखेंगे। बुधवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया जब लोग एमडी मेडिसिन की ओपीडी ड्यूटी देखकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर बताया गया कि संबंधित चिकित्सक इमरजेंसी में तैनात हैं जबकि रोस्टर में उनकी ड्यूटी ओपीडी में दर्शाई गई थी।
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जानकारी के अनुसार, शाम को जारी किए जाने वाले रोस्टर में ड्यूटियां निर्धारित कर दी जाती हैं, लेकिन सुबह कई बार चिकित्सक आपस में ड्यूटी बदल लेते हैं। ओपीडी में तैनात डॉक्टर आपातकालीन कक्ष में बैठ जाते हैं और आपातकालीन कक्ष में नियुक्त डॉक्टर ओपीडी संभाल लेते हैं। इस बदलाव की सूचना न तो सोशल मीडिया पर अपडेट की जाती है और न ही अस्पताल परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाती है, जिससे मरीज असमंजस की स्थिति में पड़ जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल स्वयं ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक करता है तो उसमें पारदर्शिता और स्थिरता भी होनी चाहिए। बार-बार ड्यूटी बदलने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निराशा झेलनी पड़ती है। कई मरीजों को बिना जांच कराए वापस लौटना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। लोगों ने मांग की है कि रोस्टर में यदि कोई बदलाव किया जाए तो उसकी तत्काल सूचना सार्वजनिक की जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
कोट
ऐसी कोई भी जानकारी नहीं है कि चिकित्सक आपस में ड्यूटी बदल रहे हैं। यदि ऐसा किया जा रहा है तो यह उचित नहीं है। डॉक्टरों को जारी रोस्टर के अनुसार ही अपनी ड्यूटी करनी होगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। यदि कहीं से इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं