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Bilaspur News: बस स्टैंड नहीं होने से झंडूता में बिगड़ रही यातायात व्यवस्था, जाम में फंसी एंबुलेंस
Thu, 22 Oct 2026 12:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:26 AM IST
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उपमंडल मुख्यालय में पार्किंग और बसों के ठहराव की व्यवस्था नहीं
विधायक जीत राम कटवाल के पहले कार्यकाल में शुरू हुई थी बस स्टैंड की प्रक्रिया
सड़कों किनारे आड़े तिरछे कर खड़े करने पड़ रहे हैं लोगों को वाहन,सत्ता परिवर्तन के बाद ठंडे बस्ते में
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। उपमंडल मुख्यालय झंडूता में बस स्टैंड नहीं होने से यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। बसों और अन्य वाहनों के ठहराव की उचित व्यवस्था न होने से सड़कों पर जाम लगना आम हो गया है। कई बार मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। ऐसे में क्षेत्र में बस स्टैंड का निर्माण जरूरी हो गया है।
झंडूता में निजी और सरकारी बसों, टैक्सियों, निजी वाहनों और दोपहिया वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद बसों के ठहराव और वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। चालक सड़कों के किनारे आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क पर आवाजाही के लिए जगह कम पड़ जाती है। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों, राहगीरों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है।
उपमंडल मुख्यालय होने के कारण झंडूता में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सरकारी कार्यालयों, अस्पताल, न्यायालय और बैंकों में पहुंचते हैं। यहां एसडीएम कार्यालय, विकास खंड कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना, उपकोषागार, अग्निशमन केंद्र और जल शक्ति व लोक निर्माण विभाग के कार्यालय स्थित हैं। इसके अलावा कई सरकारी और निजी बैंक भी संचालित हैं। आसपास के क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही के चलते यातायात का दबाव बना रहता है।
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पहले भी शुरू हुई थी प्रक्रिया
झंडूता में बस स्टैंड निर्माण की प्रक्रिया पहले भी शुरू की गई थी। विधायक जीत राम कटवाल के पहले कार्यकाल में एसडीएम कार्यालय के साथ बस स्टैंड के लिए बजट का प्रावधान कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। हालांकि, सत्ता परिवर्तन के बाद यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद भी वाहनों की संख्या बढ़ती रही, लेकिन बस स्टैंड की सुविधा नहीं मिल सकी। आने वाले समय में री, रोड़ह, अमरोआ पुल और नंद नगराओं पुल से वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में बस स्टैंड और व्यवस्थित पार्किंग की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते बस स्टैंड का निर्माण नहीं हुआ तो यातायात व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा।
कोट
उपमंडल अधिकारी नागरिक झंडूता अर्शिया शर्मा ने बताया कि प्रशासन बस स्टैंड के निर्माण के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए भूमि संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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विधायक जीत राम कटवाल के पहले कार्यकाल में शुरू हुई थी बस स्टैंड की प्रक्रिया
सड़कों किनारे आड़े तिरछे कर खड़े करने पड़ रहे हैं लोगों को वाहन,सत्ता परिवर्तन के बाद ठंडे बस्ते में
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। उपमंडल मुख्यालय झंडूता में बस स्टैंड नहीं होने से यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। बसों और अन्य वाहनों के ठहराव की उचित व्यवस्था न होने से सड़कों पर जाम लगना आम हो गया है। कई बार मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। ऐसे में क्षेत्र में बस स्टैंड का निर्माण जरूरी हो गया है।
झंडूता में निजी और सरकारी बसों, टैक्सियों, निजी वाहनों और दोपहिया वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद बसों के ठहराव और वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। चालक सड़कों के किनारे आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क पर आवाजाही के लिए जगह कम पड़ जाती है। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों, राहगीरों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है।
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उपमंडल मुख्यालय होने के कारण झंडूता में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सरकारी कार्यालयों, अस्पताल, न्यायालय और बैंकों में पहुंचते हैं। यहां एसडीएम कार्यालय, विकास खंड कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना, उपकोषागार, अग्निशमन केंद्र और जल शक्ति व लोक निर्माण विभाग के कार्यालय स्थित हैं। इसके अलावा कई सरकारी और निजी बैंक भी संचालित हैं। आसपास के क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही के चलते यातायात का दबाव बना रहता है।
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पहले भी शुरू हुई थी प्रक्रिया
झंडूता में बस स्टैंड निर्माण की प्रक्रिया पहले भी शुरू की गई थी। विधायक जीत राम कटवाल के पहले कार्यकाल में एसडीएम कार्यालय के साथ बस स्टैंड के लिए बजट का प्रावधान कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। हालांकि, सत्ता परिवर्तन के बाद यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद भी वाहनों की संख्या बढ़ती रही, लेकिन बस स्टैंड की सुविधा नहीं मिल सकी। आने वाले समय में री, रोड़ह, अमरोआ पुल और नंद नगराओं पुल से वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में बस स्टैंड और व्यवस्थित पार्किंग की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते बस स्टैंड का निर्माण नहीं हुआ तो यातायात व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा।
कोट
उपमंडल अधिकारी नागरिक झंडूता अर्शिया शर्मा ने बताया कि प्रशासन बस स्टैंड के निर्माण के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए भूमि संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।