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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन: कंपनी को हर माह श्रम अधिकारी को देनी होगी अब सैलरी सीट
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन में तुनहु में निर्माण में कार्यरत करीब 150 मजदूरों ने मांगों को लेकर मंगलवार के निर्माण कार्य बंद कर दिया था। बुधवार को लेबर अधिकारी के साथ बैठक के बाद मजदूर कार्य पर लौट गए हैं। लेबर अधिकारी ने निर्माण कार्य कर रही कंपनी को आदेश दिए हैं कि वो जनवरी माह में दिए जाने वाले वेतन की सीट लेबर कार्यालय को दे। वहीं हर माह की सीट कार्यालय में जमा करवाए।
लेबर अधिकारी भावना शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष लखनपाल शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जुलाई माह से मजदूर टनल के निर्माण और अन्य कार्यों में लगे हैं। लेकिन न तो इनका ईपीएफ काटा जा रहा है न केंद्र सरकार की ओर से तय किया गया मिनिमम वेजज दिया जा रहा है। 12 घंटे काम करने के बाद भी मजदूरों को ओवर टाइम का पैसा नहीं मिल रहा है। वहीं 22 हजार की जगह 15 और 33 की जगह 22 हजार वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह से मजदूरों को वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। इन सभी मांगों को लेकर मजदूरों ने निर्माण कार्य बंद किया था, लेकिन लेबर अधिकारी के आश्वासन के बाद काम शुरू कर दिया गया है।
बताते चलें कि अब लेबर अधिकारी ने 17 फरवरी को इस संबंध में फिर से पेशी रखी है। जिसमें कंपनी के अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वर्करों की सीनियोरिटी की लिस्ट विभाग को दें। उन्होंने कहा कि कंपनी को अब मजदूरों को दिए जाने वाले वेतन की सीट भी लेबर अधिकारी को हर माह देनी होगी। ताकि पता चल सके कि उन्हें कितना वेतन दिया जा रहा है। हालांकि बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने साफ किया कि मजदूर यूनियन से जुड़े किसी मजदूर को वो वापस काम पर नहीं रखेंगे, लेकिन अभी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन में तुनहु में निर्माण में कार्यरत करीब 150 मजदूरों ने मांगों को लेकर मंगलवार के निर्माण कार्य बंद कर दिया था। बुधवार को लेबर अधिकारी के साथ बैठक के बाद मजदूर कार्य पर लौट गए हैं। लेबर अधिकारी ने निर्माण कार्य कर रही कंपनी को आदेश दिए हैं कि वो जनवरी माह में दिए जाने वाले वेतन की सीट लेबर कार्यालय को दे। वहीं हर माह की सीट कार्यालय में जमा करवाए।
लेबर अधिकारी भावना शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष लखनपाल शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जुलाई माह से मजदूर टनल के निर्माण और अन्य कार्यों में लगे हैं। लेकिन न तो इनका ईपीएफ काटा जा रहा है न केंद्र सरकार की ओर से तय किया गया मिनिमम वेजज दिया जा रहा है। 12 घंटे काम करने के बाद भी मजदूरों को ओवर टाइम का पैसा नहीं मिल रहा है। वहीं 22 हजार की जगह 15 और 33 की जगह 22 हजार वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह से मजदूरों को वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। इन सभी मांगों को लेकर मजदूरों ने निर्माण कार्य बंद किया था, लेकिन लेबर अधिकारी के आश्वासन के बाद काम शुरू कर दिया गया है।
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बताते चलें कि अब लेबर अधिकारी ने 17 फरवरी को इस संबंध में फिर से पेशी रखी है। जिसमें कंपनी के अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वर्करों की सीनियोरिटी की लिस्ट विभाग को दें। उन्होंने कहा कि कंपनी को अब मजदूरों को दिए जाने वाले वेतन की सीट भी लेबर अधिकारी को हर माह देनी होगी। ताकि पता चल सके कि उन्हें कितना वेतन दिया जा रहा है। हालांकि बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने साफ किया कि मजदूर यूनियन से जुड़े किसी मजदूर को वो वापस काम पर नहीं रखेंगे, लेकिन अभी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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