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सीएम से मिला बर्खास्त कनिष्ठ अभियंताओं का प्रतिनिधिमंडल
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश कनिष्ठ अभियंता संघ के बैनर तले मंगलवार को बर्खास्त किए गए 56 कनिष्ठ अभियंता शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रमुख अभियंता डीएस बहल से मिले। न्याय की गुहार लगाई।
प्रदेश कनिष्ठ अभियंता संघ के प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बर्खास्त किए गए अभियंताओं को आश्वासन दिया कि कुछ ऐसा रास्ता निकाला जाएगा जिससे उनके भविष्य पर आंच न आए और न्यायालय के निर्णय की गरिमा बनी रहे।
राजीव कुमार ने कहा कि जेई सरकार के इस आश्वासन से प्रसन्न है। इस निर्णय के खिलाफ मंगलवार को न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। राजीव कुमार ने बताया कि इसके बाद प्रतिनिधिमंडल प्रमुख अभियंता पीडब्ल्यूडी डीएस बहल से भी मिला। कहा कि करीब डेढ़ साल सेवाएं लेने के बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देना किसी भी लिहाज से तर्कसंगत नहीं है। इन अभियंताओं को किसी और विभाग में सेवा देने का मौका दिया जा सकता है।
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सरकार को इन अभियंताओं के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। यह वर्ग सरकार के एक निर्णय के बाद सड़कों पर आ गया है। इनके परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
गौैर हो कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपने 56 कनिष्ठ अभियंताओं को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया है। इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश पीडब्ल्यूडी ने कोर्ट के निर्णय के आधार पर दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव विजय धीमान, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजीव चौहान, शिमला के प्रधान रवि भूषण, महासचिव रितेश जस्टा, आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी लेखराम कौंडल, धनीराम, धर्मपाल और बर्खास्त किए गए 56 जेई शामिल रहे।
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प्रदेश कनिष्ठ अभियंता संघ के प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बर्खास्त किए गए अभियंताओं को आश्वासन दिया कि कुछ ऐसा रास्ता निकाला जाएगा जिससे उनके भविष्य पर आंच न आए और न्यायालय के निर्णय की गरिमा बनी रहे।
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राजीव कुमार ने कहा कि जेई सरकार के इस आश्वासन से प्रसन्न है। इस निर्णय के खिलाफ मंगलवार को न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। राजीव कुमार ने बताया कि इसके बाद प्रतिनिधिमंडल प्रमुख अभियंता पीडब्ल्यूडी डीएस बहल से भी मिला। कहा कि करीब डेढ़ साल सेवाएं लेने के बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देना किसी भी लिहाज से तर्कसंगत नहीं है। इन अभियंताओं को किसी और विभाग में सेवा देने का मौका दिया जा सकता है।
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सरकार को इन अभियंताओं के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। यह वर्ग सरकार के एक निर्णय के बाद सड़कों पर आ गया है। इनके परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
गौैर हो कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपने 56 कनिष्ठ अभियंताओं को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया है। इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश पीडब्ल्यूडी ने कोर्ट के निर्णय के आधार पर दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव विजय धीमान, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजीव चौहान, शिमला के प्रधान रवि भूषण, महासचिव रितेश जस्टा, आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी लेखराम कौंडल, धनीराम, धर्मपाल और बर्खास्त किए गए 56 जेई शामिल रहे।