फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Joint inspection to be conducted for RCC pillars installed on forest land along the Kiratpur-Nerchowk four-lane highway.

Bilaspur News: कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन में वन भूमि पर लगे आरसीसी पिलरों की होगी संयुक्त जांच

Wed, 15 Jul 2026 12:10 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
Joint inspection to be conducted for RCC pillars installed on forest land along the Kiratpur-Nerchowk four-lane highway.
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन
एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में आज होगी निरीक्षण बैठक, एनएचएआई, वन विभाग और प्रभावित समिति को भी बुलाया
विज्ञापन

प्रभावित समिति की शिकायतों पर पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय ने लिया संज्ञान

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना के तहत डायवर्ट की गई वन भूमि में लगाए गए राइट ऑफ वे के आरसीसी पिलरों के सत्यापन को लेकर अब केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंत्रालय के शिमला स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के अनुपालन में 15 जुलाई को संयुक्त निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक बुलाई है। इसमें एनएचएआई, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, शिकायतकर्ता पक्ष को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की ओर से वन भूमि में लगाए गए आरसीसी पिलरों को लेकर लगातार शिकायतें भेजी गई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि डायवर्ट की गई वन भूमि में लगाए गए पिलरों की वैधता और निर्धारित शर्तों के पालन की जांच कराई जाए। इन शिकायतों के आधार पर क्षेत्रीय कार्यालय ने राज्य सरकार से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी और इसके लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया था। पत्र में उल्लेख किया गया है कि निर्धारित समय के बाद भी करीब 20 दिन बीत जाने के बावजूद रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई। इसके चलते मामले में अगली कार्रवाई करते हुए संयुक्त निरीक्षण का निर्णय लिया गया है। पत्र के अनुसार, क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश, महानिदेशक वन, नई दिल्ली के 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मामले की स्थल निरीक्षण बैठक आयोजित की जाएगी।
विज्ञापन

इस दौरान डायवर्ट की गई वन भूमि में लगाए गए राइट ऑफ वे आरसीसी पिलरों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और यह देखा जाएगा कि कार्य वन स्वीकृति की शर्तों एवं नियमों के अनुरूप किया गया है या नहीं। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक, मंडी वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक, मंडी वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी, संबंधित अधिकारियों, फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। सभी अधिकारियों को मामले से संबंधित अभिलेख, नक्शे, स्वीकृति और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौके पर ही सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा सके। क्षेत्रीय कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त निरीक्षण के दौरान प्राप्त तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्रवाई को कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में अहम माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed