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Bilaspur News: साक्षात्कार पत्र पर तारीख 5 फरवरी और पोस्ट किया 13 को
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अमर उजाला इम्पैक्ट
जल शक्ति विभाग की लापरवाही भी आई सामने, पांच दिन पहले पोस्ट किया था पत्र
- डाक विभाग ने भी पत्र को अभ्यर्थी तक पहुंचाने में लगाए पांच दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। साक्षात्कार पत्र को 10 किलोमीटर दूर पहुंचाने में 13 दिन का समय लगने के मामले में की जांच डाक विभाग ने पूरी कर ली है। जांच में सामने आया है कि घुमारवीं डाकघर से पत्र को 5 फरवरी को नहीं, बल्कि 13 फरवरी शाम 4:45 बजे जल शक्ति विभाग की ओर से पोस्ट किया गया था। वहीं, डाकघर विभाग ने हाल ही में डाक के ट्रांजिट सिस्टम में बदलाव किया गया है, जिस कारण साक्षात्कार पत्र को पहुंचने में पांच दिन का समय लगा।
मामले में जल शक्ति विभाग घुमारवीं की भी लापरवाही भी सामने आई है। डाक विभाग ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच की जिम्मेदारी पोस्ट इंस्पेक्टर घुमारवीं को सौंपी। जांच में पाया गया कि जल शक्ति विभाग की ओर से साक्षात्कार पत्र 5 फरवरी को नहीं, बल्कि 13 फरवरी को शाम 4:45 बजे घुमारवीं डाकघर से अभ्यर्थी को पोस्ट किया। डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाल ही में ट्रांजिट प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले घुमारवीं डाकघर से डाक सीधे बिलासपुर जाती थी, लेकिन अब पहले मंडी भेजा जाता है और फिर वहीं से वापस बिलासपुर भेजा जाता है। इस बदलाव के कारण घुमारवीं डाकघर से दधोल डाकघर के लिए पोस्ट किए पत्र को पहुंचने में 3 से 5 दिन का समय लग रहा है। यही कारण रहा कि 13 फरवरी को पोस्ट किया गया पत्र 18 फरवरी को डिलीवर हुआ।
यह है मामला
बताते चलें कि उपमंडल घुमारवीं की पड़यालग पंचायत के पन्याली गांव के कुणाल सिंह ने पिछले साल जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर के पद के लिए आवेदन किया था। विभाग ने 18 फरवरी को साक्षात्कार निर्धारित किया था। उम्मीदवारों को डाक के माध्यम से पत्र भेजे गए थे। कुणाल के घर साक्षात्कार पत्र 18 फरवरी की सुबह पहुंचा। उसी दिन साक्षात्कार था। हालांकि इस सारे मामले के बीच में जल शक्ति विभाग ने युवक का साक्षात्कार ले लिया था।
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कोट
मामले की जांच की गई है। जांच में सामने आया है कि जल शक्ति विभाग ने यह पत्र 5 फरवरी को नहीं, बल्कि 13 फरवरी को पोस्ट किया था। ट्रांजिट सिस्टम में बदलाव के कारण पत्र पहले मंडी गया और फिर वापस बिलासपुर होते हुए अंतिम गंतव्य तक पहुंचा। इस बदलाव के इस रूट के लिए तीन से पांच दिन का समय लग जाता है।
राजेश कुमार, इंस्पेक्टर, डाक विभाग घुमारवीं।
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जल शक्ति विभाग की लापरवाही भी आई सामने, पांच दिन पहले पोस्ट किया था पत्र
- डाक विभाग ने भी पत्र को अभ्यर्थी तक पहुंचाने में लगाए पांच दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। साक्षात्कार पत्र को 10 किलोमीटर दूर पहुंचाने में 13 दिन का समय लगने के मामले में की जांच डाक विभाग ने पूरी कर ली है। जांच में सामने आया है कि घुमारवीं डाकघर से पत्र को 5 फरवरी को नहीं, बल्कि 13 फरवरी शाम 4:45 बजे जल शक्ति विभाग की ओर से पोस्ट किया गया था। वहीं, डाकघर विभाग ने हाल ही में डाक के ट्रांजिट सिस्टम में बदलाव किया गया है, जिस कारण साक्षात्कार पत्र को पहुंचने में पांच दिन का समय लगा।
मामले में जल शक्ति विभाग घुमारवीं की भी लापरवाही भी सामने आई है। डाक विभाग ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच की जिम्मेदारी पोस्ट इंस्पेक्टर घुमारवीं को सौंपी। जांच में पाया गया कि जल शक्ति विभाग की ओर से साक्षात्कार पत्र 5 फरवरी को नहीं, बल्कि 13 फरवरी को शाम 4:45 बजे घुमारवीं डाकघर से अभ्यर्थी को पोस्ट किया। डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाल ही में ट्रांजिट प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले घुमारवीं डाकघर से डाक सीधे बिलासपुर जाती थी, लेकिन अब पहले मंडी भेजा जाता है और फिर वहीं से वापस बिलासपुर भेजा जाता है। इस बदलाव के कारण घुमारवीं डाकघर से दधोल डाकघर के लिए पोस्ट किए पत्र को पहुंचने में 3 से 5 दिन का समय लग रहा है। यही कारण रहा कि 13 फरवरी को पोस्ट किया गया पत्र 18 फरवरी को डिलीवर हुआ।
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यह है मामला
बताते चलें कि उपमंडल घुमारवीं की पड़यालग पंचायत के पन्याली गांव के कुणाल सिंह ने पिछले साल जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर के पद के लिए आवेदन किया था। विभाग ने 18 फरवरी को साक्षात्कार निर्धारित किया था। उम्मीदवारों को डाक के माध्यम से पत्र भेजे गए थे। कुणाल के घर साक्षात्कार पत्र 18 फरवरी की सुबह पहुंचा। उसी दिन साक्षात्कार था। हालांकि इस सारे मामले के बीच में जल शक्ति विभाग ने युवक का साक्षात्कार ले लिया था।
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मामले की जांच की गई है। जांच में सामने आया है कि जल शक्ति विभाग ने यह पत्र 5 फरवरी को नहीं, बल्कि 13 फरवरी को पोस्ट किया था। ट्रांजिट सिस्टम में बदलाव के कारण पत्र पहले मंडी गया और फिर वापस बिलासपुर होते हुए अंतिम गंतव्य तक पहुंचा। इस बदलाव के इस रूट के लिए तीन से पांच दिन का समय लग जाता है।
राजेश कुमार, इंस्पेक्टर, डाक विभाग घुमारवीं।