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डेंगू के प्रकोप को रोकना सभी नागरिकों का कर्तव्य : डॉ परविंदर
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- क्षेत्रीय अस्पताल में मनाया जिला स्तरीय डेंगू दिवस
- शिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला स्तरीय राष्ट्रीय डेंगू दिवस क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में मनाया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने की। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के 25 शिक्षकों, 25 स्वास्थ्य कर्मियों और 50 आशा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परविंदर सिंह ने प्रतिभागियों को डेंगू बुखार और डेंगू के किसी भी प्रकोप को रोकने के उपायों के बारे में जागरूक होने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि साल 2018 में 2000 से अधिक डेंगू के मरीज बिलासपुर और आसपास के इलाके में मिले थे। जिले के सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वे एडीस मच्छर के उन्मूलन के तरीकों को सीखकर डेंगू के प्रकोप को रोकें। सप्ताह में एक बार कूलर और पानी के भंडारण के कंटेनर खाली करने चाहिए। बच्चों को खेलते समय पूरी बाजू की कमीज और पजामा पहनना चाहिए। एडीज मच्छर दिन के समय काटता है, इसलिए मच्छरों से बचाव करने वाली क्रीम लगानी चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू के मामलों का निदान करने और उनका इलाज करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन यह सभी नागरिकों की प्रमुख जिम्मेदारी है कि वे मच्छरों के काटने से खुद को रोकें। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे स्कूली बच्चों को डेंगू से बचाव के तरीके बताएं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को सभी घरों का दौरा करने और एडीस मच्छर के लार्वा को नष्ट करने का भी निर्देश दिया। कार्यक्रम में डॉ. अनंत राम, डॉ. तहसीन मुस्ताक, डॉ. दीपक गुरंग आदि मौजूद रहे।
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- शिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला स्तरीय राष्ट्रीय डेंगू दिवस क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में मनाया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने की। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के 25 शिक्षकों, 25 स्वास्थ्य कर्मियों और 50 आशा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परविंदर सिंह ने प्रतिभागियों को डेंगू बुखार और डेंगू के किसी भी प्रकोप को रोकने के उपायों के बारे में जागरूक होने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि साल 2018 में 2000 से अधिक डेंगू के मरीज बिलासपुर और आसपास के इलाके में मिले थे। जिले के सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वे एडीस मच्छर के उन्मूलन के तरीकों को सीखकर डेंगू के प्रकोप को रोकें। सप्ताह में एक बार कूलर और पानी के भंडारण के कंटेनर खाली करने चाहिए। बच्चों को खेलते समय पूरी बाजू की कमीज और पजामा पहनना चाहिए। एडीज मच्छर दिन के समय काटता है, इसलिए मच्छरों से बचाव करने वाली क्रीम लगानी चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू के मामलों का निदान करने और उनका इलाज करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन यह सभी नागरिकों की प्रमुख जिम्मेदारी है कि वे मच्छरों के काटने से खुद को रोकें। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे स्कूली बच्चों को डेंगू से बचाव के तरीके बताएं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को सभी घरों का दौरा करने और एडीस मच्छर के लार्वा को नष्ट करने का भी निर्देश दिया। कार्यक्रम में डॉ. अनंत राम, डॉ. तहसीन मुस्ताक, डॉ. दीपक गुरंग आदि मौजूद रहे।