{"_id":"6707bcec30a8f893bb077440","slug":"it-is-necessary-for-fish-traders-to-register-on-the-portal-vivek-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-124747-2024-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"मछली व्यवसायियों का पोर्टल पर कराना पंजीकरण जरूरी : विवेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मछली व्यवसायियों का पोर्टल पर कराना पंजीकरण जरूरी : विवेक
विज्ञापन
-पंजीकरण के लिए संबंधित प्रार्थी के मोबाइल से आधार लिंक होना जरूरी
-प्रदेश में 20 हजार से अधिक लोग मत्स्य व्यवसाय से जुड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मत्स्य पालन से जुड़े सभी मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों, हितकारकों का इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए संबंधित प्रार्थी के मोबाइल से आधार लिंक होना जरूरी है। राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक परिवर्तनकारी पहल है।
एनएफडीपी के विकास की परिकल्पना प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत की गई है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की एक उप-योजना है। निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विवेक चंदेल ने बताया कि एनएफडीपी का सृजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्लेटफार्म का शुभारंभ मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 11 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की चौथी वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर किया है। मत्स्य पालन से जुड़े सभी मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों, हितकारकों का इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए संबंधित प्रार्थी के मोबाइल से आधार लिंक होना जरूरी है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में लगभग 20 हजार से अधिक लोग मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हैं। प्रदेश में इस समय 9,615 मत्स्यजीवी/ सदस्य जलाशय मात्स्यिकी के साथ जुडे़ हैं। 6,091 मत्स्यजीवी नदीय मात्स्यिकी के साथ जुड़े हैं। शेष मत्स्य किसान हैं जो ट्राउट, कार्प मत्स्यपालन के साथ जुड़कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। इन सभी का एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सभी nhttps:@ @ nfdp-dof-gov-in@ nfdp@ #@ इस लिंक पर अपना पंजीकरण स्वयं कर सकते हैं। लोक मित्र केंद्र के माध्यम से भी करवा सकते हैं। मत्स्य विभाग के जिला कार्यालयों के माध्यम भी करवा सकते हैं। इस संबंध में लोकमित्र केंद्र के जिला मैनेजर को भी दिशा निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने सभी मत्स्य किसानों, मत्स्य जीवियों, हितधारकों से अपील की है कि सभी अपना पंजीकरण उक्त माध्यमों से जल्द से जल्द करवाएं, ताकि एक सही डाटाबेस सरकार तक पहुंच सके और सरकार को जन कल्याणकारी योजनाओं को बनाने में सुविधा हो।
विज्ञापन
-प्रदेश में 20 हजार से अधिक लोग मत्स्य व्यवसाय से जुड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मत्स्य पालन से जुड़े सभी मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों, हितकारकों का इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए संबंधित प्रार्थी के मोबाइल से आधार लिंक होना जरूरी है। राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक परिवर्तनकारी पहल है।
एनएफडीपी के विकास की परिकल्पना प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत की गई है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की एक उप-योजना है। निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विवेक चंदेल ने बताया कि एनएफडीपी का सृजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्लेटफार्म का शुभारंभ मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 11 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की चौथी वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर किया है। मत्स्य पालन से जुड़े सभी मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों, हितकारकों का इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए संबंधित प्रार्थी के मोबाइल से आधार लिंक होना जरूरी है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में लगभग 20 हजार से अधिक लोग मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हैं। प्रदेश में इस समय 9,615 मत्स्यजीवी/ सदस्य जलाशय मात्स्यिकी के साथ जुडे़ हैं। 6,091 मत्स्यजीवी नदीय मात्स्यिकी के साथ जुड़े हैं। शेष मत्स्य किसान हैं जो ट्राउट, कार्प मत्स्यपालन के साथ जुड़कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। इन सभी का एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सभी nhttps:
विज्ञापन