{"_id":"693c092e29b89b0ddf094f58","slug":"irrigation-water-crisis-in-dharot-panchayat-farmers-and-gardeners-are-worried-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-150064-2025-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: धरोट पंचायत में सिंचाई के जल संकट, किसान और बागवान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: धरोट पंचायत में सिंचाई के जल संकट, किसान और बागवान परेशान
Fri, 12 Dec 2025 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
सिंचाई का पानी न मिलने से धरोट में सूखे पड़े किसानों के खेत। स्रोत: किसान
100 करोड़ की सिंचाई योजना विफल, नहीं मिल रहा 25 क्यूसेक पानी का लाभ
सिर्फ एक मोटर से चल रही सिंचाई, पाइपलाइन टूटने से और बढ़ी दिक्कत
दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना ठप, सूखने की कगार पर हैं किसानों की फसलें
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। श्री नयना देवी जी विधान सभा क्षेत्र की दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना से पर्याप्त पानी न मिलने पर धरोट पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में किसान और बागवानों में भारी रोष में है। किसानों का कहना है कि सिंचाई जल उपलब्ध न होने से उनकी फसलें सूख रही हैं और पशुओं के चारे का भी भारी संकट उत्पन्न हो गया है।
गांव बस्सी के रछपाल सिंह, रानो देवी, अभिषेक शर्मा, साहिल कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में कई वर्ष से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा, जिससे खेती उजड़ने की कगार पर है और जमीन भी बंजर होती जा रही है। बताते दें कि हिमाचल और पंजाब सरकार के बीच हुए समझौते के तहत 27 मार्च 2011 को दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना शुरू की गई थी। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस योजना के तहत 2350 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य था। समझौते के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से 25 क्यूसेक पानी हिमाचल को मिलना तय है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण किसानों तक यह पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा। सिंचाई कमेटी के प्रधान रामपाल के अनुसार योजना विभागीय राजनीति की भेंट चढ़ गई है। सिंचाई के लिए तीन मोटरें लगाई गई हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ एक ही मोटर चल रही है, जिससे पानी की सप्लाई घटकर सिर्फ 15 फीसदी रह गई है। जगह-जगह पाइप लाइन टूटने और समय पर मेंटेनेंस न होने से समस्या और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि मोटरों को सुचारू रूप से चलाया जाए और लाइन की नियमित मरम्मत हो, तो किसान बड़ी राहत पा सकते हैं।
इनसेट
पंचायत प्रधान ने विभाग पर साधा निशाना
धरोट पंचायत के प्रधान भाग सिंह ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन नहीं दिया गया है, जिसका असर सीधे तौर पर सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि समस्या को लेकर तीन हफ्ते पहले बस्सी सब-डिवीजन के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
कोट
पाइपलाइन फटने से बाधित रही सप्लाई
हाल ही में विश्रामगृह के पास पाइपलाइन फटने के कारण सप्लाई बाधित हुई थी। धरोट पंचायत को महीने में 12 दिन सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन पाइप टूटने से वितरण में बाधा आई। बाद में सिंचाई कमेटी के हस्तक्षेप पर प्रभावित पंचायत को छह दिन अतिरिक्त पानी उपलब्ध करवाया गया।
सुरेश पुरी, सहायक अभियंता, बस्सी सब-डिवीजन
विज्ञापन
सिर्फ एक मोटर से चल रही सिंचाई, पाइपलाइन टूटने से और बढ़ी दिक्कत
दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना ठप, सूखने की कगार पर हैं किसानों की फसलें
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। श्री नयना देवी जी विधान सभा क्षेत्र की दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना से पर्याप्त पानी न मिलने पर धरोट पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में किसान और बागवानों में भारी रोष में है। किसानों का कहना है कि सिंचाई जल उपलब्ध न होने से उनकी फसलें सूख रही हैं और पशुओं के चारे का भी भारी संकट उत्पन्न हो गया है।
गांव बस्सी के रछपाल सिंह, रानो देवी, अभिषेक शर्मा, साहिल कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में कई वर्ष से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा, जिससे खेती उजड़ने की कगार पर है और जमीन भी बंजर होती जा रही है। बताते दें कि हिमाचल और पंजाब सरकार के बीच हुए समझौते के तहत 27 मार्च 2011 को दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना शुरू की गई थी। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस योजना के तहत 2350 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य था। समझौते के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से 25 क्यूसेक पानी हिमाचल को मिलना तय है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण किसानों तक यह पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा। सिंचाई कमेटी के प्रधान रामपाल के अनुसार योजना विभागीय राजनीति की भेंट चढ़ गई है। सिंचाई के लिए तीन मोटरें लगाई गई हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ एक ही मोटर चल रही है, जिससे पानी की सप्लाई घटकर सिर्फ 15 फीसदी रह गई है। जगह-जगह पाइप लाइन टूटने और समय पर मेंटेनेंस न होने से समस्या और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि मोटरों को सुचारू रूप से चलाया जाए और लाइन की नियमित मरम्मत हो, तो किसान बड़ी राहत पा सकते हैं।
विज्ञापन
इनसेट
पंचायत प्रधान ने विभाग पर साधा निशाना
धरोट पंचायत के प्रधान भाग सिंह ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन नहीं दिया गया है, जिसका असर सीधे तौर पर सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि समस्या को लेकर तीन हफ्ते पहले बस्सी सब-डिवीजन के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
कोट
पाइपलाइन फटने से बाधित रही सप्लाई
हाल ही में विश्रामगृह के पास पाइपलाइन फटने के कारण सप्लाई बाधित हुई थी। धरोट पंचायत को महीने में 12 दिन सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन पाइप टूटने से वितरण में बाधा आई। बाद में सिंचाई कमेटी के हस्तक्षेप पर प्रभावित पंचायत को छह दिन अतिरिक्त पानी उपलब्ध करवाया गया।
सुरेश पुरी, सहायक अभियंता, बस्सी सब-डिवीजन