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Bilaspur News: पंचायत चुनावों से पहले कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह
Mon, 11 May 2026 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 11 May 2026 11:51 PM IST
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जिला परिषद उम्मीदवारों की घोषणा पर कांग्रेस में खुलकर सामने आए मतभेद
घुमारवीं अध्यक्ष ने बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल होने पर जताई नाराजगी
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर से की थी संगठन की रणनीति को लेकर फोन पर बात
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पंचायती राज चुनावों की सरगर्मियों के बीच बिलासपुर जिला कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। जिला परिषद उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर पार्टी नेताओं के बीच बढ़ती नाराजगी ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। घुमारवीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन चंबेल सिंह के बयान के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। घुमारवीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन चंबेल सिंह ने सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में कहा कि पिछले दिनों पंचायत चुनावों को लेकर उनकी सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर से फोन पर बातचीत हुई थी। लेकिन बाद में उस बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे उन्हें काफी दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़ी चर्चाओं को सार्वजनिक करना उचित नहीं माना जा सकता। यदि किसी प्रकार का मतभेद था तो उसे आपसी बातचीत और संगठनात्मक स्तर पर सुलझाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि वह सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और सम्मानजनक राजनीतिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं। कैप्टन चंबेल सिंह ने कहा कि पंचायत चुनावों के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी गठित कर सभी ब्लॉक पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं को विश्वास में लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ननावां जिला परिषद वार्ड में घुमारवीं क्षेत्र की पांच पंचायतें शामिल हैं, लेकिन वहां उम्मीदवार चयन को लेकर उनसे कोई चर्चा नहीं की गई और न ही उन्हें समय रहते इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के भीतर समन्वय और संवाद मजबूत होता तो इस प्रकार की स्थिति पैदा नहीं होती।
हालांकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान पहले यह कह चुकी हैं कि जिला परिषद उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्षों को दी गई थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने संगठनात्मक तालमेल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पंचायत चुनावों को लेकर जिले में कांग्रेस के अलग-अलग नेता अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जहां भाजपा पंचायत चुनावों को लेकर पूरी तरह चुनावी मोड़ में दिखाई दे रही है और अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर संगठित तरीके से चुनावी रणनीति बना रही है, वहीं कांग्रेस के भीतर जारी बयानबाजी और आपसी मतभेद पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
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घुमारवीं अध्यक्ष ने बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल होने पर जताई नाराजगी
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर से की थी संगठन की रणनीति को लेकर फोन पर बात
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पंचायती राज चुनावों की सरगर्मियों के बीच बिलासपुर जिला कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। जिला परिषद उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर पार्टी नेताओं के बीच बढ़ती नाराजगी ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। घुमारवीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन चंबेल सिंह के बयान के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। घुमारवीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन चंबेल सिंह ने सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में कहा कि पिछले दिनों पंचायत चुनावों को लेकर उनकी सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर से फोन पर बातचीत हुई थी। लेकिन बाद में उस बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे उन्हें काफी दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़ी चर्चाओं को सार्वजनिक करना उचित नहीं माना जा सकता। यदि किसी प्रकार का मतभेद था तो उसे आपसी बातचीत और संगठनात्मक स्तर पर सुलझाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि वह सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और सम्मानजनक राजनीतिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं। कैप्टन चंबेल सिंह ने कहा कि पंचायत चुनावों के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी गठित कर सभी ब्लॉक पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं को विश्वास में लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ननावां जिला परिषद वार्ड में घुमारवीं क्षेत्र की पांच पंचायतें शामिल हैं, लेकिन वहां उम्मीदवार चयन को लेकर उनसे कोई चर्चा नहीं की गई और न ही उन्हें समय रहते इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के भीतर समन्वय और संवाद मजबूत होता तो इस प्रकार की स्थिति पैदा नहीं होती।
हालांकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान पहले यह कह चुकी हैं कि जिला परिषद उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्षों को दी गई थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने संगठनात्मक तालमेल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पंचायत चुनावों को लेकर जिले में कांग्रेस के अलग-अलग नेता अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जहां भाजपा पंचायत चुनावों को लेकर पूरी तरह चुनावी मोड़ में दिखाई दे रही है और अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर संगठित तरीके से चुनावी रणनीति बना रही है, वहीं कांग्रेस के भीतर जारी बयानबाजी और आपसी मतभेद पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
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