{"_id":"631b7e71605b36765801f863","slug":"installed-in-kiratpur-nerchowk-fourlane-bilaspur-news-sml421174974","type":"story","status":"publish","title_hn":"किरतपुर-नेरचौक फोरलेन:बाउंड्री पिल्लरों की जांच पर कार्रवाई करने का किया आग्रह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन:बाउंड्री पिल्लरों की जांच पर कार्रवाई करने का किया आग्रह
विज्ञापन
बिलासपुर। सर्किल बिलासपुर के मुख्य अरण्यपाल ने डीएफओ को वन भूमि के दोनों तरफ लगाए बाउंड्री पिलरों के लिए शिकायत पत्र में दर्ज तथ्यों पर नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
मुख्य अरण्यपाल अनिल शर्मा ने कहा कि जो कार्रवाई की जाएगी, उससे शिकायतकर्ता को भी अवगत करवाया जाए। उपरोक्त निर्देशों की पुष्टि मुख्य अरण्यपाल सर्किल बिलासपुर कार्यालय के पत्र संख्या डी-06-141 (एम) 3423 में की है।
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले किरतपुर-नेरचौक सड़क निर्माण में मुहाल बकरोआ बागठेहड़ु आदि मुहालों में वन भूमि के हुए डायवर्सन में सड़क के दोनों तरफ यूजर एजेंसी की ओर से स्थापित बाउंड्री पिलरों की नियमानुसार जांच की गई। फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा ने इस जांच का विरोध किया था। उनका कहना था कि वन परिक्षेत्र अधिकारी घुमारवीं बिना दस्तावेजों के बाउंड्री पिलरों की जांच करने पहुंचे थे। आरोप लगाया था कि मौके पर वन कर्मियों के समक्ष यूजर एजेंसी ने सड़क के दोनों तरफ जो बाउंड्री पिलर लगाए हैं, वे मूल अलाइनमेंट प्लान के आधार पर सही नहीं हैं। जब तक मूल अलाइनमेंट के साथ मौके का निरीक्षण नहीं होता, तब तक यह तय करना कि बाउंड्री पिलर सही जगह हैं या नहीं यह मुश्किल है।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
मुख्य अरण्यपाल अनिल शर्मा ने कहा कि जो कार्रवाई की जाएगी, उससे शिकायतकर्ता को भी अवगत करवाया जाए। उपरोक्त निर्देशों की पुष्टि मुख्य अरण्यपाल सर्किल बिलासपुर कार्यालय के पत्र संख्या डी-06-141 (एम) 3423 में की है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले किरतपुर-नेरचौक सड़क निर्माण में मुहाल बकरोआ बागठेहड़ु आदि मुहालों में वन भूमि के हुए डायवर्सन में सड़क के दोनों तरफ यूजर एजेंसी की ओर से स्थापित बाउंड्री पिलरों की नियमानुसार जांच की गई। फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा ने इस जांच का विरोध किया था। उनका कहना था कि वन परिक्षेत्र अधिकारी घुमारवीं बिना दस्तावेजों के बाउंड्री पिलरों की जांच करने पहुंचे थे। आरोप लगाया था कि मौके पर वन कर्मियों के समक्ष यूजर एजेंसी ने सड़क के दोनों तरफ जो बाउंड्री पिलर लगाए हैं, वे मूल अलाइनमेंट प्लान के आधार पर सही नहीं हैं। जब तक मूल अलाइनमेंट के साथ मौके का निरीक्षण नहीं होता, तब तक यह तय करना कि बाउंड्री पिलर सही जगह हैं या नहीं यह मुश्किल है।
विज्ञापन
--