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Bilaspur News: सीटीसीआरआई निदेशक ने बरठीं विज्ञान केंद्र का किया निरीक्षण
Thu, 21 Sep 2023 10:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:40 AM IST
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किसानों को कंद फसलों के उत्पादन का दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं की ओर से चलाई जा रही अखिल भारतीय सम्रवित कंद फसल अनुसंधान परियोजना के तहत परियोजना निदेशक कम सीटीसीआरआई तिरुवनंतपुरम निदेशक डॉ. जी बायजू ने केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें 25 किसानों को उन्होंने प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने बरठीं केंद्र में जिमीकंद और अरबी की फसल पर किए जा रहे शोधों कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों तक कंद फसलों जैसे कसावा, जंतक, कतमहंस की उन्नत तकनीकों को पहुंचाना जरूरी है। प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिलेभर के किसानों ने भाग लिया। उन्होंने किसानों को फसलों पर अधिक ध्यान देने के लिए कहा। साथ ही केंद्र के प्रभारी और अधिकारियों से कहा कि यदि कोई किसान बीज उत्पादक के रूप मेें कार्य करना चाहता है तो उसे पूरी सहायता की जाएगी। उस किसान को केंद्र की ओर से प्रमाणित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए आए किसानों ने कंद फसलों की खेती के अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद निदेशक ने कुछ किसानों के खेतों का भ्रमण भी किया और फसल देखकर उन्होंने किसानों की प्रशंसा की। उन्होंने कंद फसलों को व्यावसायिक तौर पर अपनाने के लिए प्रेरित किया। केंद्र प्रभारी वैज्ञानिक सीमा शाह ने केंद्र की गतिविधियों से उन्हें अवगत करवाया। इस मौके पर वैज्ञानिक मनप्रीत कौर और सचिन उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं की ओर से चलाई जा रही अखिल भारतीय सम्रवित कंद फसल अनुसंधान परियोजना के तहत परियोजना निदेशक कम सीटीसीआरआई तिरुवनंतपुरम निदेशक डॉ. जी बायजू ने केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें 25 किसानों को उन्होंने प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने बरठीं केंद्र में जिमीकंद और अरबी की फसल पर किए जा रहे शोधों कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों तक कंद फसलों जैसे कसावा, जंतक, कतमहंस की उन्नत तकनीकों को पहुंचाना जरूरी है। प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिलेभर के किसानों ने भाग लिया। उन्होंने किसानों को फसलों पर अधिक ध्यान देने के लिए कहा। साथ ही केंद्र के प्रभारी और अधिकारियों से कहा कि यदि कोई किसान बीज उत्पादक के रूप मेें कार्य करना चाहता है तो उसे पूरी सहायता की जाएगी। उस किसान को केंद्र की ओर से प्रमाणित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए आए किसानों ने कंद फसलों की खेती के अपने अनुभव साझा किए। इसके बाद निदेशक ने कुछ किसानों के खेतों का भ्रमण भी किया और फसल देखकर उन्होंने किसानों की प्रशंसा की। उन्होंने कंद फसलों को व्यावसायिक तौर पर अपनाने के लिए प्रेरित किया। केंद्र प्रभारी वैज्ञानिक सीमा शाह ने केंद्र की गतिविधियों से उन्हें अवगत करवाया। इस मौके पर वैज्ञानिक मनप्रीत कौर और सचिन उपस्थित रहे।
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