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Bilaspur News: कोटला प्राथमिक स्कूल में कागजों में 22, हकीकत में 6 छात्र कर रहे पढ़ाई

Mon, 28 Apr 2025 11:38 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 28 Apr 2025 11:38 PM IST
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In Kotla Primary School, 22 students are studying on paper but in reality, 6 students are studying
राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोटला का भवन। संवाद
अमर उजाला अभियान, शिक्षा का सच भाग-2
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-स्कूल में 2 अध्यापक, 1 मल्टीटास्क वर्कर, 1 कुक, 1 वाटर कैरियर तैनात
- प्री-प्राइमरी से लेकर पांचवीं तक कमरों का अभाव, तीन कमरे असुरक्षित घोषित
-कमरों के अभाव में पेड़ों की छांव में पढ़ रहे प्री प्राइमरी के बच्चे
- परिवहन सुविधा के अभाव में शिक्षकों पर है प्रवासी बच्चों को लाने-ले जाने की जिम्मेदारी
- कोटला स्कूल के प्राथमिक, माध्यमिक परिसर में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के कोटला स्थित प्राइमरी और माध्यमिक स्कूल की स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों स्कूलों में छात्रों की संख्या बेहद कम है, जबकि स्टाफ की संख्या अधिक है। यहां के प्राथमिक स्कूल में कागजों में 22 बच्चों का पंजीकरण है, लेकिन जब ग्राउंड स्तर पर जांचा गया तो हकीकत में केवल 6 बच्चे ही स्कूल में उपस्थित पाए गए।
प्राथमिक स्कूल में प्री-प्राइमरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई का प्रावधान है, लेकिन विभिन्न कक्षाओं में बच्चों की संख्या अत्यधिक कम है। कागजों के मुताबिक प्री-प्राइमरी में तीन, पहली कक्षा में तीन, दूसरी में दो, तीसरी में पांच, चौथी में दो और पांचवीं में मात्र एक बच्चा दर्ज है। जबकि सोमवार को जब इस स्कूल की ग्राउंड रिपोर्ट की गई तो वहां पर वास्तविकता में केवल प्री-प्राइमरी और पहली कक्षा के बच्चों को ही स्कूल में देखा गया। दूसरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक कोई भी बच्चा स्कूल में मौजूद नहीं था। इतनी कम छात्र संख्या के बावजूद, स्कूल में दो अध्यापक, एक मल्टीटास्क वर्कर, एक कुक और एक वाटर कैरियर तैनात हैं। वहीं, स्कूल भवन के चार कमरों में से तीन जर्जर हालत में हैं और असुरक्षित घोषित किए गए हैं, जिन पर ताला लगा दिया गया है। ऐसे में इन छह कक्षाओं को एक ही कमरे में संचालित किया जा रहा है, जो कि गर्मियों के मौसम में बच्चों के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है। इसके अलावा, प्री-प्राइमरी के तीन बच्चों को पेड़ों की छांव में पढ़ाया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्कूल में बच्चों की कमी का कारण परिवहन सुविधा का अभाव है। कोटला गांव में स्कूल बस सेवा नहीं है। जो बस आती भी है, वह स्कूली समय के अनुरूप नहीं है, और केवल 11:15 बजे पहुंचती है और 2:15 बजे वापस लौट जाती है। दूसरा कारण यह भी बताया गया कि स्कूल के आसपास महज दो किलोमीटर के दायरे में तीन अन्य स्कूल मौजूद हैं, जिससे बच्चों का विभाजन हो रहा है। इसके अतिरिक्त, अधिकांश बच्चे प्रवासी परिवारों के हैं और उनकी स्कूल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। स्कूल प्रबंधन ने कई प्रयास किए हैं, लेकिन बावजूद इसके बच्चों की उपस्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
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इनसेट
माध्यमिक स्कूल में नौ बच्चों के लिए सात फैकल्टी नियुक्त
इसी परिसर में स्थित माध्यमिक स्कूल की स्थिति भी अलग नहीं है। यहां मात्र 9 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें छठी कक्षा में दो, सातवीं कक्षा में तीन और आठवीं कक्षा में चार छात्र उपस्थित पाए गए। मिडिल स्कूल में चार अध्यापक, एक चपरासी, एक मल्टीटास्क वर्कर और एक मिड-डे मील वर्कर तैनात हैं, लेकिन शारीरिक शिक्षा शिक्षक का पद रिक्त है। हालांकि कुल मिलाकर 9 बच्चों के लिए 7 स्टाफ सदस्य काम कर रहे हैं, जो शिक्षा विभाग की नीतियों पर सवाल उठाते हैं।
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इनसेट
यह विडंबना तब और बड़ी हो जाती है जब कुछ स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक होने के बावजूद शिक्षकों की भारी कमी है। इस असंतुलन के कारण शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं और नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। क्या विभाग की कोई ऐसी मजबूरी है कि बच्चों की कम संख्या होने के बावजूद इन स्कूलों को चालू रखा जा रहा है? अगर इन बच्चों को पास के अन्य स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया जाए तो न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, बल्कि स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे दूसरे स्कूलों को भी राहत मिल सकती है।

कोट
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार माध्यमिक स्कूलों में 10 से कम, प्राइमरी स्कूलों में 5 से कम छात्रों वाले स्कूल अन्य विद्यालयों में विलय किए जाएंगे। ऐसे सभी संबंधित स्कूलों की सूची उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। जिसके बाद स्टाफ का भी स्थानांतरण ऐसे स्कूलों में होगा जहां पर स्टाफ की कमी है। साथ ही इस स्कूल में बैठने की व्यवस्था और बच्चों की वास्तविक संख्या जांची जाएगी।
नरेश चंदेल, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग बिलासपुर

संवाद

राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोटला का भवन। संवाद

राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोटला का भवन। संवाद

राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोटला का भवन। संवाद

राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोटला का भवन। संवाद

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