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शाहतलाई में में सुंडी कीटों ने बर्बाद की मक्की की फसल
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नाघियार गांव में सुंड़ी से क्षतिग्रस्त हुई मक्की की फसल का जायजा लेते कृषि विशेषज्ञ।
- फोटो : BILASPUR
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शाहतलाई (बिलासपुर)। जिले में मक्की की फसल पर सुंडी के प्रकोप की स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को कृषि विशेषज्ञों की एक टीम शाहतलाई क्षेत्र में पहुंची। टीम ने खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया और रिपोर्ट तैयार की।
कृषि प्रसार अधिकारी राज सिंह व कृषि प्रसार अधिकारी करतार सिंह वर्मा ने कोटधार क्षेत्र के हर गांव में जाकर सुंडी रोग से किसानों की फ सल को मौके पर परख कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। इस मौके पर किसान देशराज, राजकुमार, कुलदीप शर्मा, सरवण कुमार, सोमदत, वर्फी राम, बलदेव कुमार, चंद्रकुमार, जगदीश भारद्वाज, ज्ञान चंद भारद्वाज, प्रेम चंद भारद्वाज ने कृषि विशेषज्ञों को बताया कि इस बार अपेक्षा से कम बारिश हुई है। समय पर मक्की की बिजाई हो गई थी। खेतों में फसल भी अच्छी तरह से लहलहाने लगी थी।
इसके बाद अचानक सुंडी कीटों ने किसानों की मक्की की फसल पर हमला कर दिया। दो से चार बार बार दवाई का छिड़काव करने के पश्चात भी सुंडी खत्म नहीं हुई। सुंडी कीट पौधों के बाद मक्की के दानों को भी चट कर रहे हैं। इस स्थिति में मक्की की बर्बाद हुई फसल को पशुचारे में उपयोग करना भी जोखिम भरा हो गया है। किसानों से सरकार से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
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कृषि प्रसार अधिकारी राज सिंह व कृषि प्रसार अधिकारी करतार सिंह वर्मा ने कोटधार क्षेत्र के हर गांव में जाकर सुंडी रोग से किसानों की फ सल को मौके पर परख कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। इस मौके पर किसान देशराज, राजकुमार, कुलदीप शर्मा, सरवण कुमार, सोमदत, वर्फी राम, बलदेव कुमार, चंद्रकुमार, जगदीश भारद्वाज, ज्ञान चंद भारद्वाज, प्रेम चंद भारद्वाज ने कृषि विशेषज्ञों को बताया कि इस बार अपेक्षा से कम बारिश हुई है। समय पर मक्की की बिजाई हो गई थी। खेतों में फसल भी अच्छी तरह से लहलहाने लगी थी।
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इसके बाद अचानक सुंडी कीटों ने किसानों की मक्की की फसल पर हमला कर दिया। दो से चार बार बार दवाई का छिड़काव करने के पश्चात भी सुंडी खत्म नहीं हुई। सुंडी कीट पौधों के बाद मक्की के दानों को भी चट कर रहे हैं। इस स्थिति में मक्की की बर्बाद हुई फसल को पशुचारे में उपयोग करना भी जोखिम भरा हो गया है। किसानों से सरकार से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
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