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ढींगू जंगल में कटे चीड़ के 28 पेड़, हरकत में आया विभाग

Mon, 28 Mar 2022 11:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 11:54 PM IST
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illigal cutting of tree.
बिलासपुर। वन परिक्षेत्र घुमारवीं के तहत पनौल बीट के ढींगू जंगल में चीड़ के पेड़ों का अवैध कटान का मामला उजागर होने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार को विभागीय टीम ने जंगल का निरीक्षण किया। टीम ने रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार जंगल से पिछले एक वर्ष में 28 हरे और सूखे चीड़ के पेड़ कटे हैं। विभाग का दावा है कि 28 पेड़ पिछले एक वर्ष में लोगों ने दाह संस्कार के लिए काटे हैं।
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हैरानी की बात है कि 30 हेक्टेयर के ढींगू जंगल से ही 28 चीड़ के पेड़ दाह संस्कार के लिए काट लिए गए, जबकि इनमें से अधिकतर पेड़ सड़क से 20 मीटर के दायरे के भीतर कटे हैं। वन विभाग के नियमों के अनुसार सड़क से 20 मीटर की दूरी तक पेड़ नहीं काटे जा सकते हैं। इस तरह का कटान संबंधित गार्ड और विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है।
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बता दें कि पनौल बीट के ही मझासू जंगल में कुछ दिन पहले खैर के पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया था। इसकी जांच के लिए वन विभाग की शिमला से फ्लाइंग स्क्वायड टीम बिलासपुर पहुंची है। टीम जंगलों में हुए कटान की जांच कर रही है। इसके बाद टीम अवैध कटान की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। रेंज ऑफिसर अशोक कुमार ने बताया कि सोमवार को ढींगू जंगल में टीम को भेजा गया था। जांच में सामने आया है कि पिछले एक वर्ष में लोगों ने दाह संस्कार के लिए 28 पेड़ काटे हैं। कहा कि लोगों को दाह संस्कार के लिए पेड़ काटने की अनुमति है। इसमें विभाग की कोई कार्रवाई नहीं बनती है।
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