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स्क्रब टायफस के लक्षण दिखें तो तुरंत करवाएं टेस्ट : उपायुक्त
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-सात माह में जिले में सामने आए हैं 106 मरीज
-जिला अस्पताल में टेस्टिंग बढ़ाने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के मामलों में बढ़ोतरी की संभावना हमेशा बनी रहती है। कहा कि इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल में भी स्क्रब टायफस की टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस मौसम में डेंगू मलेरिया की फैलने की संभावनाएं बनी रहती है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में स्क्रब टायफस के लक्षण दिखें तो वह तुरंत अपनी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अवश्य टेस्ट करवाएं। कहा कि स्क्रब टायफस एक संक्रामक बीमारी है जो जानवरों में होने वाला मौसमी रोग है और मनुष्यों में आ जाता है। घास काटने गए या अन्य बाहरी कार्य के दौरान मनुष्य संक्रमित कीट (चिगर्स) द्वारा काटे जाने पर इस बीमारी से ग्रसित हो सकता है। किसान, बागवान, खेतों या बगीचे में काम करने वाले मजदूर और अन्य कार्यों के लिए बाहर जाने वाले लोगों को इससे संक्रमित होने का ज्यादा खतरा रहता है। खेतों में पाए जाने वाले चूहे संक्रमण का मुख्य स्रोत हैं। स्क्रब टायफस एक से दूसरे में नहीं फैलता।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में जनवरी 2023 से अब तक स्क्रब टायफस के 106 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में अभी तक इसकी समस्या गंभीर नहीं है, लेकिन जिला वासियों को स्क्रब टायफस के मामले में जागरूक रहने की आवश्यकता है। उपायुक्त ने बताया कि स्क्रब टायफस, डेंगू और अन्य बीमारियों के दौरान बुखार की समस्या बनी रहती है। सभी बीमारियों का इलाज अलग-अलग है, इसलिए यह आवश्यक है कि अपनी मर्जी से कोई भी दवा न खाएं और स्क्रब टायफस से संबंधित लक्षणों को लेकर अगर किसी मरीज में गंभीर लक्षण दिखते हैं तो ओपीडी में जाकर चिकित्सक से जांच करवाकर टेस्ट करवाएं।
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-जिला अस्पताल में टेस्टिंग बढ़ाने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के मामलों में बढ़ोतरी की संभावना हमेशा बनी रहती है। कहा कि इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल में भी स्क्रब टायफस की टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस मौसम में डेंगू मलेरिया की फैलने की संभावनाएं बनी रहती है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में स्क्रब टायफस के लक्षण दिखें तो वह तुरंत अपनी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अवश्य टेस्ट करवाएं। कहा कि स्क्रब टायफस एक संक्रामक बीमारी है जो जानवरों में होने वाला मौसमी रोग है और मनुष्यों में आ जाता है। घास काटने गए या अन्य बाहरी कार्य के दौरान मनुष्य संक्रमित कीट (चिगर्स) द्वारा काटे जाने पर इस बीमारी से ग्रसित हो सकता है। किसान, बागवान, खेतों या बगीचे में काम करने वाले मजदूर और अन्य कार्यों के लिए बाहर जाने वाले लोगों को इससे संक्रमित होने का ज्यादा खतरा रहता है। खेतों में पाए जाने वाले चूहे संक्रमण का मुख्य स्रोत हैं। स्क्रब टायफस एक से दूसरे में नहीं फैलता।
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उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में जनवरी 2023 से अब तक स्क्रब टायफस के 106 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में अभी तक इसकी समस्या गंभीर नहीं है, लेकिन जिला वासियों को स्क्रब टायफस के मामले में जागरूक रहने की आवश्यकता है। उपायुक्त ने बताया कि स्क्रब टायफस, डेंगू और अन्य बीमारियों के दौरान बुखार की समस्या बनी रहती है। सभी बीमारियों का इलाज अलग-अलग है, इसलिए यह आवश्यक है कि अपनी मर्जी से कोई भी दवा न खाएं और स्क्रब टायफस से संबंधित लक्षणों को लेकर अगर किसी मरीज में गंभीर लक्षण दिखते हैं तो ओपीडी में जाकर चिकित्सक से जांच करवाकर टेस्ट करवाएं।
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