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Bilaspur News: पर्यटन की दृष्टि से विकसित होंगे त्यूण और सरयून के ऐतिहासिक किले

Sun, 24 Dec 2023 11:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Dec 2023 11:51 PM IST
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Historic forts of Tyun and Saryun will be developed from tourism point of view
विकास की बात
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-पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने किया किलों का निरीक्षण
- रिपोर्ट सरकार को बनाकर भेजी, 4 करोड़ की राशि हो चुकी है मंजूर

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। जिले के दो ऐतिहासिक त्यूण और सरयून के किलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। सरकार की ओर से इसके लिए कवायद तेज कर दी गई है। इसी के चलते पिछले दिनों मंडी और बिलासपुर के पर्यटन विकास अधिकारियों ने इन किलों का निरीक्षण भी किया है। उन्होंने एक रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार को भेज दी है। पिछले दिनों हुए निरीक्षण के दौरान एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी भी मौजूद रहे।
इन दोनों किलो का ऐतिहासिक और पौराणिक इतिहास रहा है। आने वाली पीढ़ी इन ऐतिहासिक चीजों के बारे में जानने और उन्हें पहचाने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिले और रोजगार के अवसर पैदा हों, इसके लिए इन किलो सहित आसपास के क्षेत्र को विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस कार्य के लिए 4 करोड़ रुपये की राशि सरकार पहले ही मंजूर कर चुकी है। इसकी पहली किस्त जारी भी कर दी गई है। इन दोनों किलों के लिए फोरलेन से पैदल ट्रैक के जरिये जोड़ने की योजना है। ट्रैक में सुंदर और इको फ्रेंडली पार्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों को ठहरने का भी प्रबंध किया जाएगा। इस का बेस कैंप फोरलेन के साथ पनोह में बनाया जाएगा और वहां से ट्रैक शुरू होंगे। पनोह में बेस कैंप को आकर्षक बनाया जाएगा। वहां पर वोल्वो बसों और अन्य पर्यटक वाहनों को खड़ा करने का प्रबंध किया जाएगा। ट्रैक बनने और किले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से, जहां पर्यटक इसकी ओर से आकर्षित होंगे और स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के साधन उत्पन्न होंगे। निरीक्षण के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ ही दिनों में इसका काम भी शुरू हो जाएगा।
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इनसेट
1085 में हुआ था त्यूण किले का निर्माण
त्यूण किला का निर्माण कहलूर रियासत के 11वें राजा काहन चंद ने सन 1085 ई. में किया। इस किले के नाम से ही पहाड़ी त्यूण धार के नाम से प्रसिद्ध हुई। सरयून किले का निर्माण कहलूर रियासत के 16वें राजा पृथ्वी चंद ने 1162-1197 ई. में मुहम्मद गौरी के आक्रमण से बचने के लिए बनाया था। त्यूण सरयून किले एक दूसरे के आमने-सामने हैं।
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कोट्
जिले को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए गंभीरता से काम किया जा रहा है। त्यूण और सरयून धार के किलों और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही पर्यटकों और युवाओं को इस ऐतिहासिक और पौराणिक इतिहास को जानने का मौका मिलेगा।
- राजेश धर्माणी, कैबिनेट मंत्री, प्रदेश सरकार
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