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Bilaspur News: झंडा रस्म के साथ दावीं घाटी के ऐतिहासिक झंडा मेले का आगाज

Tue, 18 Jun 2024 11:14 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2024 11:14 PM IST
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Historic flag fair of Davin Valley begins with flag ceremony
-वीर सैनिक झंडा की याद में मनाया जाता है तीन दिवसीय मेला
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-किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोशन ठाकुर ने किया शुभारंभ

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तीन दिवसीय झंडा मेले का शुभारंभ भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोशन ठाकुर ने किया। मेले के आगाज पर शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद झंडा देव मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। पूरे क्षेत्र में चूरमा का प्रसाद वितरित किया गया।
रोशन ठाकुर ने कहा कि उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस मेले का शुभारंभ करने का मौका मिला। उन्होंने मेले के आयोजन करने के लिए मेला समिति का धन्यवाद किया। कहा कि इस मेले में खेलकूद प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं, जोकि बहुत अच्छी बात है। आजकल युवा नशे में फंसता जा रहा है। इससे बचने के लिए खेलकूद ही एक मात्र माध्यम है। बताते चलें कि इस मेले का मुख्य आकर्षक कुश्ती होती है जो दो दिन तक चलती है। इसमें देशभर के पहलवान अपनी जोर आजमाइश करते हैं। मान्यता है कि झंडा नाम का एक युवक राजा की सेना में सिपाही था जो बहुत बहादुर था। एक बार राज्य में युद्ध छिड़ गया। इस युद्ध में झंडा ने बेहतर प्रदर्शन किया। कहा जाता है कि युद्ध लड़ते-लड़ते इस वीर सैनिक झंडा की नोआ राजपुरा के पास गर्दन कट गई और यह वीर बिना गर्दन के ही युद्ध लड़ता रहा और दुश्मनों को मारता हुआ जुखाला क्षेत्र की एक जगह पर पहुंच गया। जब दुश्मनों ने देखा कि यह सैनिक बिना गर्दन के वीरता के साथ लड़ रहा है तो वह वहां से भाग गए। इस सैनिक ने जिस स्थान पर अपने शरीर से प्राण त्यागे, तब से उस जगह का नाम इस वीर सैनिक के नाम पर झंडा पड़ा।
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जहां पर इस सैनिक झंडा का मंदिर भी बनाया गया। झंडा की मूर्ति स्थापित की गई है। यहां के लोग झंडा देव को अपना कुलदेव मानते हैं और हर वर्ष इस मंदिर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें कुश्तियां मुख्य आकर्षण रहती हैं। कुश्तियों के मुकाबले दो दिन तक चलते हैं। एक दिन छोटी माली के लिए मुकाबले होते हैं। दूसरे दिन बड़ी माली के लिए मुकाबले होते हैं। इसमें देश भर के पहलवान अपनी जोर आजमाइश करते हैं। इस वर्ष इस मेले में खेल गतिविधियां भी करवाई जा रही हैं। इसमें मेले के दूसरे दिन कबड्डी के अंडर- 17,अंडर- 20 मुकाबले करवाए जाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र के महिला मंडलों द्वारा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
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