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चिट्टे का नशा करने में हिमाचल देश में दूसरे नंबर पर : धर्माणी
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-बोले-समाज में सफेदपोश बनकर घूमते हैं नशे के सौदागर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत घुमारवीं के गांव बाड़ी मझेरवां में पंचायत प्रतिनिधि, गांव के वरिष्ठ लोग, महिलाओं व बच्चों के साथ मिलकर लोगों को संस्कार संस्था द्वारा जागरूक किया गया। संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि चिट्टा के सप्लायर खुद इसका नशा नहीं करते हैं। समाज में सफेदपोश बनकर देश की भावी पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें इन सफेदपोश नशे के सौदागरों से युवा पीढ़ी को मिलकर बचाना होगा। बच्चों को चिट्टे से बचाने के लिए हमें अपने गांव और आस पड़ोस में चिट्टे के सप्लायर को आने पर रोक लगानी होगी और उन्हें पुलिस के माध्यम से जेल में भेजना होगा। कहा कि पूरे देश में हिमाचल चिट्टा इस्तेमाल करने के मामले में दूसरे नंबर पर है। जोकि बहुत ही चिंताजनक है। अगर आज हमने इस युवा पीढ़ी को इस चिट्टा के नशे से नहीं बचाया तो आने वाला कल बहुत खराब होगा, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। कहा कि नशे के खिलाफ शुरू किया गया जागरूकता अभियान घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। समाज के सभी वर्गों का समर्थन संस्था के इस अभियान को मिल रहा है। इस दौरान गांव चूरन की बीए तृतीय वर्ष की छात्रा नैंसी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी नशे का शिकार होती जा रही है और नशे के सौदागर भी अब स्कूल, कॉलेज से लेकर गांव तक पहुंच रहे हैं। कहा कि युवाओं को इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत घुमारवीं के गांव बाड़ी मझेरवां में पंचायत प्रतिनिधि, गांव के वरिष्ठ लोग, महिलाओं व बच्चों के साथ मिलकर लोगों को संस्कार संस्था द्वारा जागरूक किया गया। संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि चिट्टा के सप्लायर खुद इसका नशा नहीं करते हैं। समाज में सफेदपोश बनकर देश की भावी पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें इन सफेदपोश नशे के सौदागरों से युवा पीढ़ी को मिलकर बचाना होगा। बच्चों को चिट्टे से बचाने के लिए हमें अपने गांव और आस पड़ोस में चिट्टे के सप्लायर को आने पर रोक लगानी होगी और उन्हें पुलिस के माध्यम से जेल में भेजना होगा। कहा कि पूरे देश में हिमाचल चिट्टा इस्तेमाल करने के मामले में दूसरे नंबर पर है। जोकि बहुत ही चिंताजनक है। अगर आज हमने इस युवा पीढ़ी को इस चिट्टा के नशे से नहीं बचाया तो आने वाला कल बहुत खराब होगा, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। कहा कि नशे के खिलाफ शुरू किया गया जागरूकता अभियान घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। समाज के सभी वर्गों का समर्थन संस्था के इस अभियान को मिल रहा है। इस दौरान गांव चूरन की बीए तृतीय वर्ष की छात्रा नैंसी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी नशे का शिकार होती जा रही है और नशे के सौदागर भी अब स्कूल, कॉलेज से लेकर गांव तक पहुंच रहे हैं। कहा कि युवाओं को इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है।
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