फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   High Court strict on lack of facilities in composite building in Bilaspur

Bilaspur News: कंपोजिट बिल्डिंग में सुविधाओं की कमी पर हाईकोर्ट सख्त, 27 नवंबर को अगली सुनवाई

Thu, 13 Nov 2025 10:36 PM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: राहुल तिवारी Updated Thu, 13 Nov 2025 10:36 PM IST
सार

बिलासपुर की नई कंपोजिट बिल्डिंग में लिफ्ट, पानी और कैंटीन की कमी पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर को सुविधाओं पर शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी।
 

विज्ञापन
High Court strict on lack of facilities in composite building in Bilaspur
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करोड़ों की लागत से बिलासपुर में बनी नई कंपोजिट बिल्डिंग में लिफ्ट के अलावा पीने के पानी और कैंटीन की सुविधा भी नहीं है। हाईकोर्ट ने व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या किया जा रहा है और यह कब तक ठीक होगी, इस बारे में बिलासपुर कलेक्टर को शपथपत्र में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई 27 नवंबर को तय की है।
विज्ञापन


मामले में गुरुवार को सुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बताया कि कंपोजिट बिल्डिंग की दो में से एक लिफ्ट को सुधार लिया गया है, जबकि दूसरी लिफ्ट को ठीक करने में 15 दिन लगेंगे। सचिव ने कहा कि बिल्डिंग जिला प्रशासन के अधीन है, इसलिए वहां अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। इस पर कोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर को कंपोजिट बिल्डिंग में सुविधाओं के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


कंपोजिट बिल्डिंग में महीनों से लिफ्ट बंद होने पर हाईकोर्ट ने 10 नवंबर को संज्ञान लिया था। इसमें शासन को लिफ्ट की मरम्मत की स्थिति, नई लिफ्ट के चालू होने में हुई देरी के कारण, दोनों लिफ्टों के संचालन की समय-सीमा और बिल्डिंग में बुनियादी सुविधाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे। सुनवाई में यह बात सामने आई कि नई कंपोजिट बिल्डिंग में पेयजल और कैंटीन की भी समस्या है, जिससे कर्मचारियों और लोगों को बाहर जाकर नाश्ता और अन्य चीजें खरीदनी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग में लगभग सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय हैं। हर दिन सैकड़ों लोगों का यहां आना-जाना होता है। दिव्यांग, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई होती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार, दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा के लिए सभी सार्वजनिक भवनों में कार्यात्मक लिफ्ट, रैंप और व्हीलचेयर की सुविधा अनिवार्य है। इसके अलावा, ऐसी सुविधाएं उपलब्ध न होने पर भूतल पर अस्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed